फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या केजरीवाल के विकास मॉडल पर भारी पड़ने लगा है शाहीन बाग, बैकफुट पर आ रही है 'आप'!

Mon, 27 Jan 2020 07:39 PM IST
Harendra Chaudhary डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
विज्ञापन
Delhi Assembly election 2020: Arvind Kejriwal - फोटो : twitter
विज्ञापन
दिल्ली में विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। पिछले सप्ताह तक केजरीवाल और उनके सिपहसालार, जो दिल्ली के विकास मॉडल पर वोट मांग रहे थे, अब उनकी चुनावी रणनीति बदलती हुई दिख रही है। भाजपा नेता जिस तेजी से दिल्ली के चुनाव को शाहीन बाग पर ले जाने में जुटे हैं, उसे देख कर यह सवाल उठ रहा है कि क्या केजरीवाल के विकास मॉडल पर 'शाहीन बाग' का मुद्दा भारी पड़ने लगा है।

बैकफुट पर आप?

दिल्ली चुनाव में बदलते राजनीतिक समीकरणों के चलते सोमवार को अरविंद केजरीवाल ने कहा, मुझे बेहद दुख है कि भारतीय जनता पार्टी इस मुद्दे पर गंदी राजनीति कर रही है। शाहीन बाग में रास्ता बंद है, उस बंद रास्ते की वजह से बहुत सारे लोगों को तकलीफ हो रही है, स्कूल के बच्चों को तकलीफ हो रही है, एंबुलेंस के जाने में तकलीफ हो रही है, जो आधा घंटे या 40 मिनट का रास्ता होता था, उसमें लोगों को ढाई से तीन घंटे लग रहे हैं। केजरीवाल का यह बयान कुछ इशारा कर रहा है।

विज्ञापन


इससे पहले उन्होंने कहा था कि कुछ लोग इस चुनाव को धर्म और सांप्रदायिकता की ओर ले जा रहे हैं। पांच साल पहले आप लोगों ने राजनीति बदली थी, एक ईमानदार सरकार बनाई थी। हमने बड़ी मेहनत करके बिजली, स्वास्थ्य, सीसीटीवी कैमरे, पानी और दूसरे कई क्षेत्रों में अच्छे काम किए हैं। केजरीवाल ने कहा, इस बार किसी और को वोट मत देना। अगर ऐसा हुआ तो स्कूल व अस्पताल फिर खराब हो जाएंगे। सभी लोग सिर्फ काम के नाम पर वोट दें।

केजरीवाल ने कहा, किसी धर्म, जाति के नाम पर वोट मत देना। दिल्ली भाजपा से जुड़े एक नेता के अनुसार, केजरीवाल यह सब अपनी मर्जी से नहीं बोल रहे हैं। वे बैकफुट पर आ रहे हैं तो इसके पीछे भी कोई वजह है।

2015 में केजरीवाल के जाल में फंसी थी भाजपा

2015 के चुनाव में केजरीवाल ने भाजपा को अपनी रणनीति में फंसा लिया था। उस वक्त भाजपा का दिल्ली के लिए चुनाव से पहले सीएम घोषित करने का कोई इरादा नहीं था, मगर केजरीवाल ने ऐसा चक्रव्यूह रचा कि भाजपा उसमें फंस कर रह गई। नतीजा, चुनाव से पहले भाजपा को किरण बेदी का नाम आगे करना पड़ा। हालांकि चुनाव परिणाम ने भाजपा के इस फैसले को पूरी तरह गलत करार दिया।

विज्ञापन


इस बार भाजपा ने राष्ट्रवाद और शाहीन बाग को लेकर ऐसी रणनीति बनाई कि केजरीवाल को अपने विकास मॉडल से बैकफुट पर आना पड़ा। करीब एक सप्ताह से केजरीवाल केवल दिल्ली के विकास की बात कर रहे थे, लेकिन अब उन्हें भी शाहीन बाग को लेकर बयान देना पड़ रहा है। मनीष सिसोदिया ने कहा था कि हम शाहीन बाग में प्रदर्शन कर रहे लोगों के साथ खड़े हैं।

इसके बाद केजरीवाल बोले, कि सभी को प्रदर्शन करने का अधिकार है। अब उन्होंने शाहीन बाग को लेकर कहा, वहां रास्ता बंद है, बहुत सारे लोगों को तकलीफ हो रही है, स्कूल के बच्चों को तकलीफ हो रही है और एंबुलेंस के जाने में तकलीफ हो रही है।

अब भाजपा नेताओं ने केजरीवाल को फंसाया

पार्टी अध्यक्ष जेपी नड्डा ने केजरीवाल पर भारत को तोड़ने की चाह रखने वालों का समर्थन करने का आरोप लगाया। उन्होंने आप सरकार पर जेएनयू के पूर्व अध्यक्ष कन्हैया कुमार, उमर खालिद और अन्य पर राजद्रोह का मामला चलाने की अनुमति पुलिस को नहीं देने की बात कही। 'टुकड़े-टुकड़े' गैंग के खिलाफ मामला चलाने के लिए केजरीवाल ने अनुमति नहीं दी। दूसरी ओर शाहीन बाग को लेकर भाजपा सांसद साक्षी महाराज ने कहा, मुझे लगता है कि लातों के भूत बातों से नहीं मानते, एक दिन आएगा कि जब कड़ी कार्रवाई करनी पड़ेगी।

 

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें