एक अन्य मामले में डीएमआरसी ने बुधवार को उच्च न्यायालय को सूचित किया कि दिल्ली सरकार रिलायंस इन्फ्रास्ट्रक्चर की ओर से प्रवर्तित दिल्ली एयरपोर्ट मेट्रो एक्सप्रेस प्राइवेट लिमिटेड (डीएएमईपीएल) को मध्यस्थता निर्णय के अवैतनिक बकाये के भुगतान में योगदान करने से इनकार कर दिया।
दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (डीएमआरसी) द्वारा दाखिल हलफनामे के अनुसार दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि वह मध्यस्थता राशि ब्याज सहित भुगतान के लिए इक्विटी के रूप में 3565.64 करोड़ रुपये की पेशकश करने की इच्छुक नहीं है।
न्यायमूर्ति यशवंत शर्मा के समक्ष केंद्र सरकार और डीएमआरसी की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमानी ने अदालत को बताया कि इस मुद्दे पर संबंधित अधिकारियों की ओर से सक्रिय रूप से विचार किया जा रहा है।अदालत ने उनका तर्क सुनने के बाद मामले को अगली सुनवाई 19 जनवरी तय कर दी।
डीएमआरसी ने अदालत को सूचित किया कि वह इस दायित्व को पूरा करने के लिए खुले बाजार, बाहरी सहायता प्राप्त फंड या भारत सरकार से ऋण के माध्यम से धन प्राप्त कर सकता है। अदालत 11 मई 2017 के मध्यस्थता पुरस्कार को लागू करने की मांग वाली डीएएमईपीएल द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रही है।