अदालत ने कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा के स्पष्टीकरण को स्वीकार करने से इन्कार कर दिया कि वह इस साल अगस्त में एक चिकित्सा आपात स्थिति के लिए दुबई में रहे। अदालत ने कहा, वाड्रा को नोटिस जारी कर स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि तय शर्तों का उल्लंघन करने पर क्यों न उसके द्वारा जमा एफडी को जब्त कर लिया जाए।
राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष न्यायाधीश नीलोफर आबिदा परवीन ने वाड्रा को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए कहा, वे इस दावे को स्वीकार करने में असमर्थ है। कोर्ट ने कहा, 22 अगस्त को यात्रा कार्यक्रम और यात्रा टिकटों की प्रति से स्पष्ट है कि वाड्रा 25 अगस्त से 29 अगस्त तक दुबई में रहे व उसके बाद 29 अगस्त को लंदन की यात्रा की, जबकि तय शर्तों में उसे दुबई नहीं रुकना था। वाड्रा को 12 अगस्त को चार सप्ताह के लिए संयुक्त अरब अमीरात, स्पेन और इटली के रास्ते ब्रिटेन जाने की अनुमति दी गई थी।
वह 25 अगस्त को संयुक्त अरब अमीरात के रास्ते यूके के लिए रवाना हुए और निर्धारित अवधि के भीतर 8 सितंबर को भारत लौट आए। यात्रा से पहले उन्होंने यात्रा के स्थानों उड़ान टिकटों और ठहरने के स्थानों के पते का पूरा विवरण देते हुए एक आवेदन के साथ एक वचन पत्र दाखिल किया।
वाड्रा के वकीलों ने अदालत को बताया कि वाड्रा अपनी आगे की यात्रा शुरू करने से पहले यूएई में रहे। क्योंकि उनके बाएं पैर में डीप वेन थ्रॉम्बोसिस (डीवीटी) था और उन्हें लंबी दूरी की उड़ानों के बीच उचित आराम करने की सलाह दी गई थी।
यात्रा शर्तों के उल्लंघन पर रॉबर्ट वाड्रा ने मांगी माफी
कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी के पति व्यवसायी रॉबर्ट वाड्रा ने बुधवार को ब्रिटेन, इटली और स्पेन की यात्रा के नियमों और शर्तों के कथित उल्लंघन के लिए माफी मांग ली। राउज एवेन्यू कोर्ट की विशेष सीबीआई जज नीलोफर आबिदा परवीन ने बुधवार को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई संबंधी याचिका पर आदेश सुरक्षित रख लिया। हालांकि, इस दौरान ईडी ने कहा कि वाड्रा के खिलाफ सावधि जमा को जब्त करने व कानूनी प्रक्रिया संबंधी कार्रवाई शुरू की जानी चाहिए।
सुनवाई के दौरान वाड्रा की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने हलफनामे में कहा, उन्होंने अनजाने में गलती की। ‘दुबई के लिए’ के बजाय यात्रा की अनुमति मांगने के लिए अपने आवेदन में ‘दुबई के माध्यम’ से लिखा। इसमें कोई संदेह नहीं है कि गलती की है। इस दलील पर जज ने कहा कि आपको अनुमति लेनी चाहिए थी।