घर-घर राशन पहुंचाने की योजना की स्वीकृति के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है। पत्र में कहा है कि घर-घर राशन योजना दिल्ली में लागू करने दीजिए। राष्ट्रहित के सभी कामों में मैंने आपका साथ दिया है, राष्ट्रहित के इस काम में आप भी हमारा साथ दीजिए। मुख्यमंत्री ने अपने पत्र में यह भी कहा है कि घर-घर राशन योजना को पूरे देश में लागू किया जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि कोविड काल की मुश्किल घड़ी में ये योजना पूरे देश में लागू होनी चाहिए। दिल्ली सरकार की इस योजना में अगर केंद्र सरकार और कोई बदलाव करना चाहती है तो इसके लिए भी पूरी तरह से तैयार है।
अपने पत्र में मुख्यमंत्री ने लिखा है कि हाथ जोड़कर दिल्ली के 70 लाख गरीबों की ओर से विनती करता हूं कि इस योजना को मत रोकिए। ये राष्ट्रहित में है, इसे होने दीजिए।
आप और हम अलग कब से हो गए
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि केंद्र सरकार की ओर से कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार चाहे तो अपनी अलग स्कीम चला ले। केंद्र की स्कीम से छेड़छाड़ ना करे। सर, आप और हम अलग कब से हो गए। केंद्र सरकार और दिल्ली सरकार अलग कब से हो गई। आपकी और हमारी स्कीम अलग कब से हो गई। सब कुछ इस देश का है। सब कुछ इस देश के लोगों का है।
पत्र के माध्यम से पूछा है कि क्या अब एक ही मुद्दे पर एक ही राज्य में दो-दो स्कीमें हुआ करेंगी एक केंद्र सरकार की और दूसरी राज्य सरकार की। क्या एक ही राज्य में एक ही मुद्दे पर डबल खर्चा हुआ करेगा, मतलब दिल्ली में राशन बांटने के लिए एक तरफ केंद्र सरकार 2000 करोड़ रुपए खर्च करेगी और दूसरी तरफ दिल्ली सरकार अलग से 2000 करोड़ रुपए खर्च करेगी। क्या ये समझदारी की बात होगी और क्या केंद्र सरकार का ये कहना उचित है कि ये केंद्र की स्कीम है और दिल्ली सरकार उस से छेडख़ानी ना करे।
राशन चोरी की जिम्मेदारी हम दोनों की है
मुख्यमंत्री ने पत्र में यह भी कहा है कि ये राशन ना आपका है, ना मेरा, ये राशन ना आम आदमी पार्टी का है ना भाजपा का ये राशन देश के लोगों का है। और इस राशन की चोरी रोकने की जिम्मेदारी हम दोनों की है।
मीडिया में केंद्र सरकार द्वारा ये भी कहा जा रहा है कि दिल्ली सरकार घर घर राशन योजना में गरीब लोगों से ज्यादा पैसे लेगी। ये सरासर गलत है सर। केंद्र सरकार के आदेशों के विपरीत हम एक भी पैसा नहीं लेंगे। केंद्र सरकार के कुछ अफसरों का कहना है कि इस स्कीम के खारिज करने का असली कारण ये है। क्योंकि ये केंद्र सरकार का राशन है, ये योजना लागू करके दिल्ली सरकार इसका श्रेय नहीं ले सकती।
क्रेडिट लेने वाली योजना नहीं है
मुख्यमंत्री ने कहा है कि केंद्र सरकार के कुछ अफसरों का कहना है कि इस स्कीम के खारिज करने का असली कारण ये है क्योंकि ये केंद्र सरकार का राशन है, ये योजना लागू करके दिल्ली सरकार इसका श्रेय नहीं ले सकती। यकीन मानिए ये काम रत्ती भर भी क्रेडिट के लिए नहीं कर रहा। एक ही मकसद है, किसी भी तरह गरीबों को उनका पूरा राशन मिले। योजना लागू करने दीजिए, सभी क्रेडिट आपका। दुनिया से कहूंगा कि ये योजना प्रधानमंत्री ने लागू की है।
उल्लेखनीय है कि घर-घर राशन पहुंचाने की योजना को दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल की तरफ से हरी झंडी नहीं मिलने के बाद दिल्ली में सियासत भी तेज हो गई है। एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के बीच मुख्यमंत्री ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है।