आम आदमी पार्टी लोकसभा में सोमवार को पेश किए गए राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (संशोधन) विधेयक-2021 के खिलाफ सड़क पर संघर्ष करने उतरी है। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की अगुवाई में बुधवार को जंतर-मंतर पर पूरी पार्टी प्रदर्शन कर रही है। इसमें दिल्ली की पूरी कैबिनेट, आप विधायक व कार्यकर्ता मौजूद हैं। इस मौके पर केंद्रीय विधेयक की मुखालफत करने के साथ उसे वापस लेने के लिए केंद्र सरकार पर दबाव बनाया गया। दिल्ली सरकार की इस मसले पर कोशिश केंद्र सरकार को बैकफुट पर लाने की है। इस प्रदर्शन में केजरीवाल कुछ देरी से पहुंचे। हालांकि मंच से उन्होंने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला।
जंतर-मंतर में बोलते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर दिल्ली में सरकार का मतलब एलजी है तो फिर चुनाव का क्या मतलब है? जब भाजपा दिल्ली में सरकार बनाने में नाकाम रही तो संसद में यह बिल लाई है।
केजरीवाल ने अपना भाषण शुरू करते हुए सबसे पहले मंच से भारत माता के जयकारे लगाए। फिर उन्होंने जनता का आभार प्रकट किया कि लोग जंतर-मंतर पर केंद्र के बिल का विरोध करने पहुंचे। उन्होंने कहा कि लोग इस बात से दुखी हैं कि केंद्र की भाजपा सरकार संसद में तीन दिन पहले एक कानून लाए हैं। उस कानून में लिखा है कि अब से दिल्ली सरकार का मतलब होगा एलजी।
उन्होंने आगे पूछा, फिर हमारा क्या मतलब होगा, दिल्ली की जनता का क्या मतलब होगा, अगर दिल्ली सरकार का मतलब एलजी होगा तो दिल्ली की जनता कहां जाएगी। दिल्ली की जनता की चलेगी कि नहीं चलेगी, दिल्ली के मुख्यमंत्री का क्या होगा, फिर चुनाव क्यों कराए थे। क्या जनता के वोट का कोई मतलब नहीं बचा? केजरीवाल ने आगे पूछा कि फिर क्या जनता की चुनी सरकार का कोई मतलब नहीं बचा? फिर तो जनता के साथ धोखा हो गया। ये तो गलत हो गया।
केजरीवाल ने कानून के दूसरे प्रावधान के बारे में बताया कि इसमें लिखा है कि जो भी फाइलें होंगी वो एलजी के पास जाएंगी। जब हमारी सरकार बनी तो सारी फाइलें एलजी के पास जाती थीं, 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला दिया कि दिल्ली की चुनी हुई सरकार ही दिल्ली की बॉस होगी फिर ऐसा बिल क्यों लाया गया। ये जनता को नहीं मानते, सुप्रीम कोर्ट को नहीं मानते, संविधान को नहीं मानते। जनता ने मतों से बता दिया है कि उसे भाजपा नहीं आम आदमी पार्टी चाहिए। लेकिन ये चोरी छिपे बदमाशी करके दिल्ली के ऊपर राज करना चाहते हैं।
केजरीवाल ने कहा कि ये कानून दिल्ली में शिक्षा के अच्छे काम को रोकने के लिए हो रहा है। यूपी, गुजरात व हर जगह लोग कह रहे हैं कि हमें भी फ्री बिजली चाहिए। हम कहते हैं कि कॉम्पटीशन अच्छे काम के लिए करो। जैसे दिल्ली में आप अच्छे काम कर रही है दूसरी पार्टियां भी करें तो उन्हें भी वोट मिलेंगे, लेकिन आप दिल्ली के काम रोकोगे और खुद भी नहीं करोगे। ये दिल्ली में हो रहे अच्छे काम को रोककर ठीक नहीं कर रहे हैं।
केजरीवाल ने केंद्र से अपील की है कि इस कानून को वापस ले लो जनता की ताकत को मत छीनो, उसकी आवाज मत दबाओ। देश की 75वीं सालगिरह पर क्या तुम दिल्ली को यही तोहफा दोगे। जनता की चुनी हुई सरकार को काम करने दें। इस तरह की काली हरकत मत करो, देश के साथ धोखा मत करो। मैं दिल्ली की जनता को भरोसा दिलाना चाहता हूं कि आप चिंता मत करो, हम पहले की तरह आपके लिए काम करते रहेंगे।