दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक इमारत ढह गई। मलबे के नीचे कई छात्रों के फंसे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है। उन्होंने बताया कि दमकल की आठ गाड़ियां और विभिन्न विभागों की कई बचाव टीमें मौके पर भेजी गईं। पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंचीं और इलाके की घेराबंदी कर दी, जबकि आपातकालीन कर्मियों ने खोज और बचाव अभियान शुरू किया।
देश की राजधानी में एक दिल दहला देने वाला हादसा हुआ है। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में एक चार मंजिला इमारत अचानक गिर गई। इस दर्दनाक घटना में 50 से 60 छात्रों के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है।
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नानकपुरा गुरुद्वारे के पास इमारत गिरने की सूचना दोपहर करीब 1:34 बजे साउथ कैंपस पुलिस स्टेशन को पीसीआर कॉल से मिली। स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड, कैट एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन टीमें मौके पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी बचाव और राहत कार्य में जुट गई है। बचाव कार्य तेजी से जारी है, लेकिन फंसे लोगों की सही संख्या अभी पता नहीं है।
दिल्ली पुलिस के अनुसार, अब तक 2 लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया है, जहां तीन मरीजों की हालत गंभीर बनी हुई है। ये तीनों मरीज ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। सत्य निकेतन के पास घटनास्थल पर जेसीबी मशीन पहुंच गई है। स्थानीय बच्चे मानव श्रृंखला बनाकर पुलिस आपदा टीम को मदद कर रहे हैं।
इमारत गिरने की सूचना मिलते ही आपातकालीन सेवाएं सक्रिय हो गईं। स्थानीय पुलिस, फायर ब्रिगेड और कैट एम्बुलेंस की टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। एनडीआरएफ की टीम भी बचाव और राहत कार्य के लिए बुलाई गई है। मलबे में फंसे लोगों को निकालने के लिए बड़े पैमाने पर अभियान चल रहा है। जेसीबी मशीन का उपयोग कर भारी मलबा हटाया जा रहा है।
दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के सत्य निकेतन के पास गिरी इमारत ढह गई है। इस घटना में 'हॉस्टल डेज़' नामक पांच मंजिला पेइंग गेस्ट आवास भी शामिल है। इसके बगल वाली एक और इमारत भी मलबे में बदल गई। कई छात्र और मजदूर मलबे के नीचे दब गए हैं।
फायर ब्रिगेड और बचाव दल लगभग 15 से 20 मिनट से लोगों को बाहर निकालने में जुटे हैं। कई छात्र गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बचावकर्मी उन्हें बहुत मुश्किल से बाहर निकाल रहे हैं। फंसे हुए छात्रों की सही संख्या पंजीकरण अभिलेख की जांच के बाद ही पता चलेगी। मलबे के अंदर से अभी भी बच्चों के चिल्लाने की आवाजें आ रही हैं। वे "हमें बचाओ, हमें बचाओ!" कहकर मदद मांग रहे थे।
इमारत गिरने का कारण
एक चश्मदीद के अनुसार, इमारत का नवीनीकरण कार्य चल रहा था। खासकर भूतल पर किराए के लिए जगह बनाने का काम हो रहा था। वे तहखाना भी बना रहे थे। ऊपरी हिस्से को तो मजबूत किया गया था, लेकिन नीचे के खंभे कमजोर थे। इसी वजह से इमारत ढह गई। मजदूर नीचे काम कर रहे थे और मलबे में दब गए।
चश्मदीद का बयान
पास ही दुकान चलाने वाले एक चश्मदीद ने भूकंप जैसी गड़गड़ाहट सुनी और बाहर भागे। उन्होंने देखा कि पूरी इमारत ढह चुकी थी, जहां बहुत धुआं और धूल फैली थी। कुछ शव निकाले गए हैं और चार बच्चों को जीवित बचाया गया। चश्मदीद के अनुसार, मलबे में कम से कम 25 से 30 बच्चे फंसे हो सकते हैं। अब तक चार से पांच लोगों को बचाया गया है और दो से तीन शव मिले हैं। पास में लड़कों और लड़कियों के पेइंग गेस्ट आवास थे।
#WATCH | Delhi: On the building collapse near Satya Niketan in South-West Delhi, an eyewitness says, "The building that collapsed is called 'Hostel Daze'. Right next to it is another building that collapsed. 'Hostel Daze' is a dedicated boys' PG; it was a five-story building. The… pic.twitter.com/fGmK1WOrgq