1- लघु एवं मध्यम उद्यम की प्रतिस्पर्धा और उत्पादकता बढ़ाने के लिए कॉमन फैसिलिटी सेंटर (सीएफसी) के निर्माण के लिए 48 करोड़ रुपये का आवंटन प्रस्तावित है।
2- सरकार एक नई वेयर हाउसिंग पॉलिसी लेकर आ रही है, जिसके लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान आवंटित है। इस पहल से दिल्ली एक एफिशिएंट और मॉडर्न लॉजिस्टिक हब के रूप में विकसित होगी, जिससे व्यापार को गति मिलेगी और रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
3- केंद्र सरकार के सहयोग से, दिल्ली में पहली बार आरएएमपी (एमएसएमई के प्रदर्शन को बढ़ाना और उसमें तेजी लाना) योजना लागू की जा रही है। इस योजना के अंतर्गत, 32,000 एमएसएमई को ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, और 15,000 व्यवसाय को जेम और ओएनडीसी जैसे डिजिटल प्लेटफार्म से जोड़ा जाएगा।
4- सरकार दिल्ली में एक सशक्त सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग तथा रिसर्च और डेवलपमेंट इकोसिस्टम स्थापित करने के लिए दिल्ली सेमीकंडक्टर पॉलिसी लेकर आएगी, जो इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के अनुरूप होगी।
5- सरकार दिल्ली ड्रोन पॉलिसी भी लाने जा रही है, जिसके माध्यम से दिल्ली को एडवांस तकनीक, रिसर्च और हाइटेक मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में एक प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।