आर्थिक अपराध शाखा ने प्रॉपर्टी के फर्जी कागजात बनाकर बैंक से करोड़ों का लोन लेने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस इस मामले में मुख्य आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपी पर मुख्य आरोपी से मिलीभगत करने का आरोप है।
गिरफ्तार आरोपी ने मुख्य आरोपी को प्रॉपर्टी बेची थी और मुख्य आरोपी ने जो बैंक में प्रॉपर्टी के कागजात जमा करवाये, उसमें भी आरोपी के हस्ताक्षर थे। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर आगे की जांच कर रही है।
शाखा के संयुक्त आयुक्त ओ पी मिश्रा ने बताया कि आरोपी की पहचान हाउसिंग बोर्ड कालोनी, सोनीपत हरियाणा निवासी सुरेश कुमार(64) के रूप में हुई है। पार्लियामेंट स्ट्रीट स्थित यूको बैंक के एजीएम ने शाखा में फर्जीवाड़ा की शिकायत दर्ज करवाई। जिसमें उसने बताया कि सतीश शर्मा ने बहोला सोनीपत स्थित ब्रह्मशक्ति मॉडल स्कूल खरीदने के लिए बैंक से दो करोड़ का लोन लिया।
लोन लेने के लिए उसने नरेंद्र नगर सोनीपत स्थित एक प्रॉपर्टी को गिरवी रखा था। लेकिन बैंक की जांच-पड़ताल में पता चला सतीश इसी प्रॉपर्टी के कागजात के जरिए मायापुरी स्थित कॉरपोरेशन बैंक से चार करोड़ का लोन ले चुका है और इस बात को यूको बैंक से छिपाया गया।
छानबीन करने पर पता चला कि कॉरपोरेशन बैंक के फर्जीवाड़ा के मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज कर लिया। जबकि आर्थिक अपराध शाखा ने यूको बैंक के मामले में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में पता चला कि सतीश शर्मा ने जो सेल डीड यूको बैंक में गिरवी रखी थी, उसका रिकार्ड सोनीपत के सब रजिस्ट्रार के रिकार्ड से मेल नहीं खा रहा था।
20 अगस्त 2020 को पुलिस ने सतीश को गिरफ्तार कर लिया। छानबीन में पता चला कि इस प्रॉपर्टी को सुरेश कुमार ने वर्ष 1998 में सतीश को बेचा था। लेकिन जांच में यह बात सामने आयी कि जो फर्जी कागजात सतीश में बैंक में दिये थे, उसमें भी सुरेश कुमार के हस्ताक्षर हैं।
हस्ताक्षर का मिलान होने के बाद उप निरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुरेश 6कुमार को 20 जनवरी 2021 को सोनीपत से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि सुरेश कुमार का कहना है कि उसने किसी भी कागजात पर हस्ताक्षर नहीं किये हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सुरेश के बैंक खातों की जांच कर लेन-देन के बारे में जानकारी हासिल की जा रही है।