वायु मानक एजेंसियों का पूर्वानुमान है कि इस हफ्ते से हवा की सेहत बिगड़नी शुरू हो सकती है। इसके लिए मौसमी दिशाओं में होने वाले बदलाव को अहम माना जा रहा है। सप्ताह के अंत तक वायु गुणवत्ता संतोषजनक से खिसककर औसत श्रेणी में पहुंच सकती है।
भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम) पुणे के मुताबिक, अगले सप्ताह से हवा की दिशा में बदलाव संभव है। अभी पूर्वी दिशा से आने वाली हवाएं अपने साथ नमी लेकर पहुंच रही हैं व बारिश का दौर जारी है। इस वजह से दिल्ली-एनसीआर की हवा की सेहत साफ से लेकर संतोषजनक श्रेणी में दर्ज की जा रही है। विभाग के सात दिन के पूर्वानुमान के मुताबिक, नए सप्ताह में हवा की गुणवत्ता संतोषजनक से लेकर औसत श्रेणी में पहुंच सकती है।
मौसम विभाग के एक अधिकारी के मुताबिक, अगले सप्ताह से हवा की दिशा पश्चिमी से होने की संभावना है। इससे बारिश का दौर भी थम जाएगा व मौसम साफ रहेगा। ऐसे में पाकिस्तान व राजस्थान से आने वाली धूल भरी हवाएं दिल्ली की हवा की सेहत पर प्रभाव डाल सकती हैं। साथ ही स्थानीय स्तर पर होने वाले प्रदूषण व सड़क से उड़ने वाली धूल भी दिल्ली-एनसीआर की हवा की गुणवत्ता को बिगाड़ने में सहयोग करेंगे।
मंगलवार तक साफ रह सकती है हवा
केंद्र की वायु मानक संस्था सफर इंडिया के मुताबिक, बारिश की वजह से अगले तीन दिनों तक हवा की सेहत साफ से संतोषजनक श्रेणी में रह सकती है। बीते 24 घंटे में 2.5 मिमी से बड़े कणों की पीएम 10 में 44 फीसदी हिस्सेदारी रही है। हालांकि, पीएम 10 का स्तर 41 व पीएम 2.5 का स्तर 23 माइक्रोमीटर प्रति घनमीटर के साथ साफ श्रेणी में रहा है। आईआईटीएम के मुताबिक, अगले 24 घंटे में वेंटिलेशन इंडेक्स 7300 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड व सोमवार को 6800 वर्ग मीटर प्रति सेकेंड दर्ज किया जा सकता है।
ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे साफ
लगातार जारी बारिश के दौर के बीच दिल्ली-एनसीआर में ग्रेटर नोएडा की हवा सबसे साफ रही है। शहर का एक्यूआई 41 आंकड़े के साथ साफ श्रेणी में रहा है। इसके बाद फरीदाबाद व नोएडा 50 और 54 एक्यूआई क्रमश: के साथ सबसे साफ रही है। दिल्ली की हवा की सेहत 54 एक्यूआई के साथ संतोषजनक श्रेणी व गाजियाबाद की हवा 64 एक्यूआई स्तर पर दर्ज हुई है। सबसे खराब हवा की सेहत गुरुग्राम की रही है। यहां हवा का गुणवत्ता सूचकांक 74 दर्ज किया गया है।