कोरोना महामारी के चलते लंबे समय से ड्यूटी दे रहे डॉक्टरों के लिए राहत की खबर है। दिल्ली एम्स ने अपने सभी डॉक्टरों की छुट्टी रद्द करने का नोटिस वापस ले लिया है। इसी के साथ ही एम्स ने डॉक्टरों को नौ-नौ दिन की छुट्टी पर भेजने का फैसला भी लिया है।
आगामी 12 जुलाई से यह अवकाश शुरू होगें जिसके तहत हर विभाग से 50 फीसदी फैकल्टी अवकाश पर रह सकते हैं। इसके अलावा एम्स प्रबंधन ने कान्फ्रेंस में शामिल होने से प्रतिबंध भी हटा लिया है। साथ ही ऑनलाइन परीक्षा की अनिवार्यता को भी खत्म कर दिया है। अब एम्स में ऑफलाइन भी परीक्षा आयोजित कराई जा सकेंगी।
दिल्ली एम्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 12 से 21 और 22 से 31 जुलाई तक 50-50 फीसदी फैकल्टी को अवकाश दिया है। चर्चा यह भी है कि प्रबंधन को तीसरी लहर को लेकर अंदेशा है। इसलिए सभी विभागाध्यक्षों से मौखिक तौर पर कहा है कि अगली लहर आने से पहले अवकाश की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। ताकि नई ऊर्जा के साथ डॉक्टर और फैकल्टी आगे काम कर सकेंगे।
जानकारी के अनुसार दिल्ली एम्स ने बीते 23 अप्रैल को दूसरी लहर के दौरान सभी डॉक्टर और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द करते हुए व्यक्तितौर पर भी अवकाश नहीं देने का नोटिस जारी किया था। दूसरी लहर के दौरान एम्स के कर्मचारियों ने रात दिन मरीजों की सेवा की। इसके बाद अब नए मामलों में कमी के चलते एम्स प्रबंधन ने डॉक्टरों को अवकाश देने पर सहमति जताई है। प्रबंधन के अनुसार फिलहाल व्यक्तिगत तौर पर अवकाश लेने पर रोक भी हटा ली है।
हालांकि प्रबंधन का कहना है कि समय के अनुसार इस फैसले में बदलाव भी किया जा सकता है लेकिन सूत्रों का कहना है कि इस महीने के आखिर तक यह फैसला लागू रहेगा। इसके बाद अगले माह संक्रमण के मामले बढने पर फैसला वापस लेने की आशंका जरूर है।