देश के सबसे बड़े चिकित्सीय संस्थान दिल्ली एम्स को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में शामिल हुआ है।
21 देशों के इन अस्पतालों में भारत की ओर से अकेले दिल्ली एम्स को ही सफलता हासिल हुई है। रविवार को जारी रैकिंग में दिल्ली एम्स 52वें स्थान पर है। हालांकि, 1 से 50 तक के अस्पतालों को रैंक दी गई है, जबकि बाकी 50 अस्पतालों के नाम के अनुसार रखा गया है।
दुनिया के 70 हजार से भी ज्यादा चिकित्सीय विशेषज्ञों ने इस सर्वे में सहभागिता करते हुए मरीजों के अनुभव, चिकित्सीय सेवाएं और विशेषज्ञों के जरिए भरे गए ऑनलाइन सर्वे के आधार पर इन अस्पतालों को चयनित किया गया।
वेबसाइट न्यूजवीक डॉट कॉम पर प्रकाशित अस्पतालों की सूची में 2478 बिस्तरों की क्षमता वाले दिल्ली एम्स की सेवाओं की प्रशंसा की गई है। 21 देशों में अमेरिका, कनाडा, दक्षिणी कोरिया, जापान, यूके, चीन, सिंगापुर, थाईलैंड, ऑस्ट्रेलिया, भारत, इजरायल, नार्वे, इटली, स्पेन, जर्मनी, फ्रांस, फिनलैंड, डेनमार्क, स्वीडन, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड और ब्राजील आदि शामिल हैं।
गुलेरिया ने दिया सभी कर्मियों को श्रेय
एम्स के निदेशक डॉ. रणदीप गुलेरिया ने संस्थान को आगे ले जाने में दिन-रात मेहनत करने वाले सभी डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिकल स्टाफ समेत तमाम कर्मचारियों को इसका श्रेय दिया है। उन्होंने कहा कि दिल्ली एम्स पूरी दुनिया में देश का नाम रोशन करने के लिए लगातार प्रयासरत है। पिछले कुछ महीनों से पूरी दुनिया कोरोना महामारी से जूझ रही है। ऐसे में दुनिया के 100 सर्वश्रेष्ठ अस्पतालों में एम्स का भी नाम होने की खुशी अलग ही है। संस्थान को आगे ले जाने में हर किसी कर्मचारी का योगदान है।