-एबीवीपी के नेतृत्व में छात्रों ने किया हिंदी विभाग में प्रदर्शन, नामांकन परिणाम जारी करने में जानबूझ कर देरी करने का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। पीएचडी नामांकन के परिणामों की घोषणा में की जा रही देरी के विरोध में मंगलवार को छात्रों ने हिंदी विभाग पर प्रदर्शन किया। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के नेतृत्व में किए गए इस प्रदर्शन में छात्रों ने आरोप लगाया कि पीएचडी नामांकन परिणाम जारी करने में जानबूझ के देरी की जा रही है। इस कारण से छात्रों की शैक्षणिक योजना और भविष्य की दिशा प्रभावित हो रही है।
एबीवीपी के कार्यकर्ता व छात्रों ने एक स्वर में प्रशासन की निष्क्रियता और लापरवाही के खिलाफ आवाज बुलंद की। इस प्रदर्शन में एबीवीपी दिल्ली की प्रदेश सह-मंत्री अपराजिता, डूसू उपाध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, डूसू सचिव मित्रवृंदा कर्णवाल तथा विभाग संयोजक गार्गी जोशी विशेष रूप से उपस्थित रहीं।
छात्रों ने आरोप लगाए कि विभाग के कुछ कर्मचारी लगातार छात्रों के साथ अभद्र व्यवहार करते हैं और प्रशासनिक कार्यों में टालमटोल कर छात्रों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करते हैं। कई विद्यार्थियों ने यह शिकायत की है कि उनके प्रमाणपत्र, आवेदन व अन्य आवश्यक कार्यों को न केवल अनावश्यक रूप से टाला जा रहा है, बल्कि उन पर जानबूझकर अड़चनें भी खड़ी की जा रही हैं।
एबीवीपी दिल्ली प्रदेश सह-मंत्री अपराजिता ने कहा, हिंदी विभाग में छात्रों के साथ हो रही यह उपेक्षा और प्रशासन की असंवेदनशीलता अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है। हिंदी विभाग को हिंदी भाषा के संवर्धन और विद्यार्थियों के विकास का केंद्र होना चाहिए, लेकिन वहां आज छात्र अपने को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि एबीवीपी छात्रों की समस्याओं को नजरअंदाज नहीं करेगा और इस मुद्दे को कुलपति कार्यालय तक ले जाएगा।