उत्तरी दिल्ली नगर निगम में बृहस्पतिवार से गलत तरीके से सील की गई संपत्तियों को डी- सील करने का अभियान शुरू हो गया। प्रेस वार्ता में यह जानकारी देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदेश गुप्ता ने कहा कि दिवाली से पहले करीब तीन हजार संपत्तियों को डी-सील किया जाएगा। इस अवसर पर पूर्वी निगम के महापौर निर्मल जैन, उत्तरी निगम के महापौर जयप्रकाश और दक्षिण निगम के उपमहापौर सुभाष भड़ाना भी उपस्थित थे।
उत्तरी दिल्ली नगर निगम में सीलिंग के अभियान की शुरुआत करोलबाग जिले के टोडापुर गांव से की गई। उत्तरी निगम के महापौर जयप्रकाश ने कहा कि पहले दिन करीब 40 संपत्तियों को भी डी-सील किया गया है। हालांकि, इस पूरे अभियान के तहत उत्तरी निगम के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में करीब 1,356 संपत्तियों को डी-सील किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि निगरानी समिति ने रिहायशी संपत्तियों को गलत तरीके से सील करने का काम किया था। इसको देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में निगरानी समिति की कार्रवाई को गलत बताते हुए ऐसी संपत्तियों को डी-सील करने का आदेश दिया था। वहीं, आदेश गुप्ता ने कहा कि पिछले वर्ष जिस समय इन संपत्तियों को सील किया गया था। उस समय तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष मनोज तिवारी के नेतृत्व में भाजपा ने विरोध दर्ज कराया था।
यही वजह थी कि भाजपा को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा भी खटखटाना पड़ा था। उन्होंने कहा कि डी-सीलिंग की प्रक्रिया के बाद आने वाले दिनों में रोजगार की दिशा में भी व्यापारियों को अच्छे अवसर मिलेंगे। इसके लिए निगम भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।