लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत लोगों को सस्ते घर सबसे पहले अलीपुर और बवाना क्षेत्र में मिलेंगे। इस पॉलिसी के तहत पिछले 60 दिन में दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को 4 हजार हेक्टेयर से ज्यादा भूमि प्राप्त हुई है। अक्तूबर 2018 में यह पॉलिसी अधिसूचित होने के बाद से बीते 1 जुलाई तक डीडीए के पास महज 965 हेक्टेयर भूमि ही आई थी। पिछले कुछ दिन में डीडीए को काफी बेहतर परिणाम मिले हैं।
डीडीए प्रवक्ता के अनुसार, इस योजना के तहत आवेदन ऑनलाइन लिए जा रहे हैं। लैंड पूलिंग पॉलिसी के तहत दिल्ली के 95 गांवों के भू-स्वामी डीडीए के साथ मिलकर सस्ते फ्लैट और शॉपिंग मॉल्स आदि बनाने पर काम करेंगे। जोन-एन (बवाना के निकट) और जोन पी (अलीपुर के निकट) में सबसे ज्यादा भूमि प्राप्त हुई है। 1 जुलाई से 30 अगस्त तक डीडीए को 5028 हेक्टेयर भूमि प्राप्त हो चुकी है।
इस पर विभागीय प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है। बताया जा रहा है कि डीडीए पॉलिसी के प्रति लोगों में जागरूकता लाने के लिए भी काम कर रहा है। विविध जागरूकता कार्यक्रमों के अलावा शिविर, प्रचार और रेडियो के माध्यम से इस पॉलिसी के फायदों को लोगों तक पहुंचा रहा है। लैंड पूलिंग पॉलिसी पोर्टल 6 सितंबर तक खुला रहेगा।
दरअसल, डीडीए की लैंड पूलिंग पॉलिसी को लेकर काफी समय से विवाद देखने को मिला है। काफी विरोध के बाद बीते वर्ष इस पॉलिसी को नए सिरे से तैयार कर लागू किया गया। डीडीए की मानें तो इस पॉलिसी में हरेक बिंदु को लोगों की सहूलियत का ध्यान रखते हुए तैयार किया गया है।
तमाम आपत्तियों और सुझावों के बाद इस पॉलिसी को ऑनलाइन पोर्टल से जोड़ते हुए लोगों से भूमि के आवेदन मांगे गए। इस योजना के तहत 60 व 40 फीसदी का अनुपात तय किया गया है। इस विकास मॉडल के तहत 40 फीसदी काम डीडीए और 60 फीसदी काम ठेकेदारों को करना होगा। इसके तहत 17 लाख नए घर बनाने की योजना है।