अस्थायी मल्टी टास्किंग स्टाफ के पद पर नियुक्त किया जाएगा
पदों पर स्थायी भर्ती की प्रक्रिया पूरी होते ही नौकरी से हटाया जा सकता है
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। मौजूदा समय एमसीडी में तैनात करीब तीन हजार डोमेस्टिक ब्रीडिंग चेकर्स (डीबीसी) को एक साल के अनुबंध पर अस्थायी मल्टी टास्किंग स्टाफ (एमटीएस) के पद पर नियुक्त किया जाएगा। डीएसएसएसबी पदों पर स्थायी भर्ती की प्रक्रिया पूरी होते ही इन्हें नौकरी से हटाया जा सकता है। इन्हें 2 अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 तक के लिए एमटीएस पद पर रखने के लिए निगम ने जो समझौता पत्र हस्ताक्षर करने के लिए मिला है, इसके पहले कॉलम में साफ तौर पर ये लिखा है। डीबीसी ने निगम की ओर से मिले इस समझौता पत्र को रद्द करने की मांग की है।
डीबीसी कई साल से स्थायी नौकरी की मांग कर रहे थे। पिछले साल अप्रैल में मेयर डॉ शैली ओबरॉय ने इन्हें बिना ब्रेक के एमटीएस पद पर तैनात करने के एक आदेश को स्वीकृत किया था। अब निगम ने इन्हें पहले की तरह एक दिन के ब्रेक के बाद नए अनुबंध के तहत नौकरी पर रखने का निर्णय लिया है। इससे डीबीसी परेशान हैं, जबकि निगम के जन स्वास्थ्य विभाग की ओर से लिए गए इस निर्णय से साफ जाहिर होता है कि निगम के अधिकारियों ने मेयर के फैसले को दरकिनार कर दिया है। फिलहाल, मेयर की ओर से इस पर कोई टिप्पणी नहीं की गई है।
डीबीसी का पुराना अनुबंध 31 मार्च को खत्म हो रहा है। इन्हें 1 अप्रैल को एक दिन का ब्रेक देने के बाद एक साल के लिए अस्थायी तौर पर एमटीएस की पोस्ट पर अनुबंधित किया जाएगा। हर एक महीने में एक दिन का आकस्मिक अवकाश और कैलेंडर में दर्ज राजपत्रित अवकाश मिलेंगे। इसके अतिरिक्त अवकाश पर रहने पर वेतन नहीं मिलेगा। मुख्य रूप से ये मच्छर जनित बीमारियों की रोकथाम के लिए काम करेंगे, लेकिन जरूरत पड़ने पर निगम अधिकार क्षेत्र में कहीं भी ड्यूटी पर लगाए जाएंगे। पक्के कर्मचारियों को मिलने वाले पीएफ, पेंशन और बाकी भत्ते का लाभ इन्हें नहीं मिलेगा। इन्हें धरना, प्रदर्शन व सामूहिक गतिविधियों में हिस्सा लेने की भी इजाजत नहीं होगी।