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कोरोना काल में शुरू हो गया ऑनलाइन ठगी का कारोबार, एक गिरफ्तार

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नई दिल्ली। कोरोना कॉल में ऑनलाइन जीवन रक्षक दवाओं और उपकरणों के नाम पर ठगी का धंधा अब जोरों पर शुरू हो गया है। ऑनलाइन रुपये लेने के बाद आरोपी पीड़ितों को सामान डिलीवर नहीं कर रहे हैं। दक्षिण जिले के साइबर सेल ने एक ऐसे बदमाश को दबोचा है जो ठगी की रकम अपने खाते में मंगाकर उसके बदले दो प्रतिशत कमीशन लेता था। आरोपी का नाम रांची, झारखंड निवासी रोहित कुमार (26) है।
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पुलिस ने आरोपी को फरीदाबाद के इस्माइलपुर से गिरफ्तार किया है। आरोपी ने अपनी ही आईडी पर बापू पार्क, कोटला मुबारकपुर के केनरा बैंक में खाता खुलवाया हुआ था। पुलिस गैंग के बाकी आरोपियों की तलाश कर रही है।
दक्षिण जिला पुलिस उपायुक्त अतुल कुमार ठाकुर ने बताया कि कोटला मुबारकपुर थाने में मोहित गुप्ता नामक शख्स ने ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने ऑनलाइन ऑक्सीजन सिलिंडर खरीदने के लिए 3000 रुपये आरोपियों को ऑनलाइन भेजे थे। लेकिन आरोपियों ने सिलिंडर नहीं भेजा। ठगी का एहसास होने पर मामले की शिकायत पुलिस से की गई।
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जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मोहित द्वारा भेजे गए रुपये केनरा बैंक में मो. रियाज के अकाउंट में गए थे। बैंक खाता कोटला मुबारकपुर के पते पर खुला हुआ था। इसी पते पर रोहित और शहंशाह नाम से दो और अकाउंट खुले हुए हैं। इनमें लगातार पैसे आ रहे थे। इन सभी के संपर्क में कोई सर्वेश नामक शख्स है। पुलिस ने टेक्नीकल सर्विलांस की मदद से आरोपियों तलाश शुरू की। पुलिस ने फरीदाबाद से रोहित को दबोच लिया।
पूछताछ के दौरान रोहित ने बताया कि सर्वेश ने उसके कनॉट प्लेस, साउथ एक्स में पांच बैंक खाते खोले थे। डिफेंस कालोनी (कोटला मुबारक पुर) में खाता खोलने के लिए आरोपी ने उसकी ही आईडी का इस्तेमाल किया था। बैंक अकाउंट खुलने के बाद रोहित ने सर्वेश के कहने पर अपना ठिकाना बदल लिया। इसके बाद वह फरीदाबाद शिफ्ट हो गया। रोहित ने अपने बैंक कार्ड और सिम सर्वेश को दे दिए। सर्वेश लोगों से लगातार ठगी रहा है। पुलिस रोहित से पूछताछ कर सर्वेश व अन्य आरोपियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है।
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