रोजाना लुढ़क रहा एक्यूआई, फिर भी प्रदूषण से नहीं रिहाई
-दोपहर दो बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 288.3 और पीएम2.5 की मात्रा 157.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राजधानी में हवा की दिशा बदलने से भले ही प्रदूषण में लगातार सुधार हो रहा हो, लेकिन राहत की उम्मीद अभी धुंधली नजर आ रही है। बुधवार सुबह की शुरुआत धुंध और हल्के कोहरे से हुई। वहीं, आसमान में स्मॉग की चादर भी दिखाई दी। दृश्यता भी कम रही। इस दौरान लोग मास्क पहने नजर आए। साथ ही, सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 327 दर्ज किया गया। यह हवा की बेहद खराब श्रेणी है। इसमें मंगलवार की तुलना में 26 सूचकांक की गिरावट दर्ज की गई। दूसरी ओर, एनसीआर में नोएडा की हवा सबसे अधिक प्रदूषित रही। यहां एक्यूआई 350 दर्ज किया गया, यह बेहद खराब श्रेणी है। वहीं, गाजियाबाद में 329, ग्रेनो में 322 और गुरुग्राम में 272 एक्यूआई दर्ज किया गया। फरीदाबाद की हवा सबसे साफ रही। यहां सूचकांक 210 दर्ज किया गया। यह हवा की खराब श्रेणी है।
दिल्ली में वायु गुणवत्ता प्रबंधन के लिए निर्णय सहायता प्रणाली के अनुसार, वाहन से होने वाला प्रदूषण 21.66 फीसदी रहा। इसके अलावा निर्माण गतिविधियों से होने वाला 3.173, पेरिफेरल उद्योग से 4.26 और आवासीय इलाकों की भागीदारी 5.414 फीसदी रही। सीपीसीबी के अनुसार, बुधवार को हवा उत्तर दिशा से 5 किलोमीटर प्रतिघंटे के गति से चली। वहीं, अनुमानित अधिकतम मिश्रण गहराई 1200 मीटर रही। इसके अलावा, वेंटिलेशन इंडेक्स 3500 मीटर प्रति वर्ग सेकंड रहा। दूसरी ओर, दोपहर दो बजे हवा में पीएम10 की मात्रा 288.3 और पीएम2.5 की मात्रा 157.1 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर दर्ज की गई। वहीं, केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) का पूर्वानुमान है कि शनिवार तक हवा बेहद खराब श्रेणी में ही बरकरार रहेगी। इसके चलते सांस के मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। साथ ही, लोगों को आंखों में जलन जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। सीपीसीबी के अनुसार, राजधानी के कई मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा बेहद खराब और खराब दर्ज की गई, हालांकि एक भी स्टेशन पर गंभीर श्रेणी रिकॉर्ड नहीं की गई।