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देशभर में डकैती डालने वाले बांग्लादेशी गैंग का पर्दाफश, तीन गिरफ्तार

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लखनऊ सहित अन्य केंद्रों के ध्यानार्थ
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हेड : बांग्लादेशी गैंग का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार
सबहेड : दिल्ली सहित गोवा, लखनऊ, ओडिसा व अन्य राज्यों में डकैती डालकर फैलाई थी सनसनी

प्वाइंटर
पॉश कॉलोनियों में ग्रिल काटकर घुसते व लोगों को बंधक बना करते थे लूट
आरोपियों के पास से दो पिस्टल, चार कारतूस और दो बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद


अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में डकैती और लूटपाट करने वाले तीन बांग्लादेशी डकैतों को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने दबोचा है। आरोपियों ने दिल्ली, गोवा, लखनऊ, ओडिसा, कर्नाटक समेत देश के कई हिस्सों में लूटपाट और डकैती की वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी थी। इनके पास से दो पिस्टल, चार कारतूस व दो बांग्लादेशी पासपोर्ट बरामद हुए हैं। आरोपियों की पहचान सरगना कमरुल उर्फ कमाल (42), शहीदुल इस्लाम उर्फ अबु शाहिद उर्फ मो. शाहिद (36) और नजरुल (38) के रूप में हुई है।
अपराध शाखा के पुलिस उपायुक्त डॉ. जी राम गोपाल नायक ने बताया कि पिछले छह से आठ माह के दौरान भुवनेश्वर, धावड़, लखनऊ, आगरा, बंगलूरू, गोवा व दिल्ली में डकैती व लूटपाट की कई वारदात हुई थी। बदमाश रात के समय पॉश कॉलोनियों में खिड़की या ग्रिल काटकर घर में दाखिल होते थे। हथियार के बल पर घर में मौजूद लोगों के हाथ-पैर बांधकर लूटपाट करते थे। मामले की छानबीन कर रही एसीपी पंकज सिंह, इंस्पेक्टर दिग्विजय सिंह व अन्यों की टीम ने बदमाशों के सराय काले खां आने की सूचना पर शुक्रवार को इलाके में छापेमारी कर तीनों को दबोचा। पूछताछ में आरोपियों ने देशभर में हुई लूटपाट और डकैती की छह वारदात कबूल कीं। आरोपी कमरुल और शहीदुल के पास से पासपोर्ट बरामद हुए हैं। नजरुल अवैध रूप से भारत में घुसपैठ कर वारदात करता था। आरोपियों ने बताया कि वह अलग-अलग समय में दिल्ली, मुजफ्फरनगर और हरियाणा की जेलों में भी बंद रहे।
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वारदात के बाद माल समेटकर भाग जाते थे बांग्लादेश
आरोपी कमरुल जुलाई 2017 से अब तक आठ बार भारत आ चुका है। शहीदुल तीन बार पर वीजा लेकर भारत आया है। नजरुल बांग्लोदश बार्डर पर एक बांग्लादेशी एजेंट को घूस देेकर भारत की सीमा में दाखिल होता था। आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लूटपाट और डकैती के बाद माल समेटकर बांग्लादेश भाग जाते थे। सरगना कमरुल और शहीदुल पासपोर्ट के जरिये वापस खाली हाथ जाते थे। जबकि तीसरा साथी माल लेकर अवैध रूप से वापस लौट जाता था। बाद में बांग्लादेश में माल का बंटवारा होता था।
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कई बार जेल जा चुके हैं आरोपी
आरोपी कमरुल ने खुलासा किया कि इससे पूर्व 12 वारदातों में शामिल रहा है। सबसे पहले वह 1998 में भारत आया। यहां वह दिल्ली में 2003 से 2010 तक तेल में बंद रहा। इसके बाद 2011 से 2017 तक वह मुजफ्फरनगर की जेल में बंद रहा। शहीदुल 2002 में दिल्ली में आया था। वह 2005 से 2008 के बीच दिल्ली और 2008 से 2018 हरियाणा की जेल में बंद रहा। वह 21 वारदातों में शामिल रहा। नजरुल 2002 से 2007 और 2010 से 2012 तक दिल्ली की जेल में बंद रहा। वह छह वारदातों में शामिल रहा।
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