पिटाई से बेइज्जती का बदला लेने को की थी हत्या
-जेब में पैसा नहीं मिलने पर की मृतक युवकों ने की थी आरोपियों की पिटाई
- रणहौला में दोहरे हत्याकांड की गुत्थी सुलझी
-पुलिस ने दो सगे भाई समेत तीन को गिरफ्तार किया, हथियार भी बरामद
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने रणहौला इलाके में रविवार रात हुई दो युवकों की हत्या की गुत्थी को सुलझा लिया है। जांच में सामने आया कि जेब की तलाशी में पैसा नहीं मिलने पर मृतक युवकों ने आरोपियों की पिटाई की थी। इसका बदला लेने के लिए बाद में उनकी हत्या कर दी गई। स्पेशल सेल ने इस मामले में दो सगे भाइयों समेत तीन को गिरफ्तार किया है। आरोपी मौके से फरार हुए मृतकों के साथी की हत्या की फिराक में घूम रहे थे, लेकिन धरे गए। आरोपियों के कब्जे से हथियार बरामद किए गए हैं। स्पेशल सेल के डीसीपी संजीव कुमार यादव के अनुसार बापरौला (रणहौला) निवासी दीपक (21) और जय विहार निवासी नीरज (22) को छह जनवरी की रात दस बजे अज्ञात लोगों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। दोनों के शव नांगलाई-नजफगढ़ रोड पर मिले थे। आरोपियों को पकड़ने के लिए स्पेशल सेल में तैनात इंस्पेक्टर तिलकचंद बिष्ट और पवन कुमार की टीम बनाई गई। जांच के दौरान टीम को बृहस्पतिवार को सूचना मिली कि तीन युवक दोहरे हत्याकांड के प्रत्यक्षदर्शी युवक की हत्या करने की फिराक में घूम रहे हैं और वे द्वारका में ककरौला मोड इलाके में आएंगे। इस पर टीम ने सेक्टर-16, द्वारका में घेराबंदी कर चोरी की बाइक पर आए तीनों युवकों दीपक तिवारी, सूरज तिवारी और श्रीकांत को गिरफ्तार कर लिया। दीपक के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल व तीन कारतूस व 315 बोर के दो कट्टे और एक कारतूस सूरज तिवारी व श्रीकांत के कब्जे से बरामद किया। आरोपी जिस मोटरसाइकिल पर घूम रहे थे, वह नजफगढ़ एरिया से आठ नवंबर, 2018 को चोरी हुई थी। आरोपियों ने पूछताछ में छह जनवरी को नीरज व दीपक की हत्या करने की बात स्वीकार की है। उन्होंने यह भी बताया कि वे प्रत्यक्षदर्शी सचिन थापा की भी हत्या करना चाहते थे और उसे ढूंढ़ रहे थे।
बदमाश और नशा करने के आदी
सचिन थापा और नीरज जय विहार इलाके के बदमाश हैं। दोनों नशा करने के आदी हैं। नशे की लत को पूरा करने के लिए राहगीरों से पैसे छीन लेते थे। दोनों ने 16 दिसंबर को दीपक तिवारी के जेब की तलाश ली थी। पैसा नहीं मिला तो उसकी पिटाई कर दी थी। इस पर दीपक तिवारी ने रणहौला थाने में सचिन थापा के खिलाफ मामला दर्ज करा दिया था। ऐसे में नीरज और सचिन स्थानीय युवकों के जरिए दीपक तिवारी पर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे थे। पिटाई के बाद दीपक तिवारी को लगा कि उसकी इलाके में बेइज्जती हो गई है। इस पर उसने सचिन थापा की हत्या की साजिश रची। साजिश में उसका भाई सूरज तिवारी व श्रीकांत भी शामिल हो गए। इसी दौरान रविवार रात सचिन, दीपक और नीरज उन्हें मिल गए। आरोपियों ने दीपक और नीरज की गोली मारकर हत्या कर दी जबकि सचिन मौके से फरार हो गया था।
आरोपी के पास हथियार पहले से थे
दीपक तिवारी के पास पहले से हथियार थे। वह हथियारों को छपरा, बिहार से लेकर आया था। अगस्त, 2018 में एक युवक ने उसकी बहन का अपहरण कर लिया था। उसको सबक सिखाने के लिए उसने हथियार खरीदे थे। उसके पास चोरी की मोटरसाइकिल भी पहले से थी।