नई दिल्ली। उत्तर-पूर्वी दिल्ली हिंसा के दौरान पुलिस हेड कांस्टेबल पर पिस्तौल तानने के आरोपी शाहरुख पठान ने जमानत के लिए निचली अदालत का दरवाजा खटखटाया है। इससे पहले पठान ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी। हाईकोर्ट ने उसके वकील को निचली अदालत में याचिका करने के लिए कहा था। पठान ने जेल में कोरोना संक्रमण का खतरा बताते हुए जमानत मांगी है।
कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने शाहरुख पठान की याचिका पर दिल्ली पुलिस से 8 मई तक जवाब मांगा है। पठान के वकील असगर खान ने दावा किया कि इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज करने में दो दिन की देरी की गई। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस महामारी के कारण जेल में रहना असुरक्षित है क्योंकि वहां भीड़ के कारण सामाजिक दूरी का पालन संभव नहीं है।
हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा था कि अगर पठान निचली अदालत में जमानत याचिका दायर करता है तो दो दिन के अंदर याचिका पर सुनवाई हो। खान ने हाईकोर्ट को बताया था कि जमानत याचिका पहले निचली अदालत में ही दायर की थी, लेकिन मामले की सुनवाई को जरूरी नहीं समझा गया। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद खान ने जमानत याचिका वापस ले ली थी और निचली अदालत का रुख किया था।
उल्लेखनीय है कि 24 फरवरी को उत्तर-पूर्वी जिले में हुई हिंसा के दौरान शाहरुख पठान ने जाफराबाद इलाके में हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तान दी थी। इस वारदात को अंजाम देने के बाद वह दिल्ली से फरार हो गया। इसके बाद पुलिस ने उसे उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गिरफ्तार किया था। इस मामले में पुलिस ने उसके खिलाफ मामला दर्ज कर वारदात में प्रयोग की गई पिस्तौल बरामद की थी।