दिल्ली पुलिस ने 30 अप्रैल को छापे मारी कर आरोपी अमित को दो एंटीबायोटिक मोनोसेफ इंजेक्शनों के साथ पकड़ा था। इन पर रेमडेसिविर के नकली लेबल चिपकाए गए थे। वह एक मई से हिरासत में है।
अदालत ने कोरोना की दूसरी लहर में नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन बेचने के आरोपी जीटीबी अस्पताल के पूर्व कर्मी को जमानत देने से इनकार कर दिया। अदालत ने कहा कि आरोपी ने कोरोना की दूसरी लहर में इंजेक्शन की कमी का नाजायज फायदा उठाया और नकली इंजेक्शन जरूरतमंदों को बेचे। ये आरोप गंभीर प्रकृति का है। इसलिए आरोपी की जमानत याचिका खारिज की जाती है।
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दिल्ली पुलिस ने 30 अप्रैल को छापे मारी कर आरोपी अमित को दो एंटीबायोटिक मोनोसेफ इंजेक्शनों के साथ पकड़ा था। इन पर रेमडेसिविर के नकली लेबल चिपकाए गए थे। वह एक मई से हिरासत में है। कड़कड़डूमा जिला अदालत के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश संजीव कुमार मल्होत्रा ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं।
आरोपी ने रेमडेसिविर की कमी का नाजायज फायदा उठाया। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि आरोपी ने मोनोसेफ इंजेक्शन पर रेमडेसिविर के लेबल लगाकर जरूरतमंदों को बेचे। अतिरिक्त लोक अभियोजक राकेश मेहता ने पुलिस ने एक नकली ग्राहक को आरोपी के भेजा था। वह 5500 सौ रुपये नकली रेमडेसिविर बेचने के लिए तैयार हो गया था।
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डील के फाइनल होने पर पुलिस ने उसे दो नकली रेमडेसिविर इंजेक्शनों के साथ दबोचा था। एक शख्स ने पुलिस को सूचित किया था कि तीन लड़के नकली रेमडेसिविर इंजेक्शन लोगों को बेच रहे हैं।