नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने नेशनल हेराल्ड मामले में आरोपी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, उनके बेटे राहुल और अन्य आरोपियों को भाजपा सांसद सुब्रमण्यन स्वामी की याचिका पर नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याची ने निचली अदालत के उस फैसले को चुनौती दी है जिसमें उन्हें वर्तमान परिस्थितियों में गवाह पेश करने की इजाजत से इनकार कर दिया था।
न्यायमूर्ति सुरेश कैत ने सोनिया व राहुल गांधी के अलावा अन्य आरोपी एवं एआईसीसी के महासचिव ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने मामले की सुनवाई 12 अप्रैल तय करते हुए निचली अदालत की सुनवाई पर रोक लगा दी है।
स्वामी की ओर से पेश अधिवक्ता सत्य सब्बरवाल ने अदालत को बताया कि स्वामी ने मामले में सुप्रीम कोर्ट के महासचिव (रजिस्ट्री अधिकारी), एक उप भूमि और विकास अधिकारी और आयकर उपायुक्त सहित कुछ गवाहों को बुलाने की मांग की है और उनसे मामले से संबंधित कुछ दस्तावेज को प्रमाणित करवाने का आग्रह किया था।
वहीं निचली अदालत ने 11 फरवरी को दिए आदेश में उनके इस आग्रह को खारिज करते हुए कहा कि स्वामी के आवेदन पर इस मामले में वर्तमान में जारी जिरह खत्म होने के बाद ही दंड प्रक्रिया संहिता (सीआरपीसी) की धारा 244 के तहत विचार किया जाएगा। अदालत स्वामी द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई कर रही है।
उन्होंने आरोप लगाया था कि सभी आरोपियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत नेशनल हेराल्ड की संपत्ति को अपने नाम करने में करोड़ों रुपये के धन का दुरुपयोग किया है। अदालत ने सोनिया व राहुल गांधी के अलावा एआईसीसी के कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, एआईसीसी महासचिव ऑस्कर फर्नांडिस, सुमन दुबे, सैम पित्रोदा और यंग इंडिया के खिलाफ सम्मन जारी किए थे। वोरा के खिलाफ कार्यवाही उनकी मृत्यु के बाद बंद कर दी गई है।