दिल्ली दंगों की आरोपी इशरत जहां ने न तो राजधानी में चक्काजाम करने की साजिश रची और न ही वह किसी भी संगठन या व्हाट्सएप ग्रुप की सदस्य है, जिसने पूरी साजिश में भूमिका निभाई है। अदालत ने आरोपी जहां को जमानत प्रदान करते हुए उक्त टिप्पणी की। जहां को अदालत ने सोमवार को जमानत प्रदान की थी।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश अमिताभ रावत ने अपने फैसले में कहा कि गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) और आपराधिक संहिता के तहत प्रतिबंधों के बावजूद उसे राहत देने का ठोस आधार है। अदालत ने कहा, अगर यह स्वीकार किया जाता है कि अमानुल्लाह, खालिद सैफी, तसलीम, नताशा नरवाल और सफूरा जरगर जैसे अन्य आरोपी व्यक्तियों के साथ उसका संपर्क था, तो तथ्य यह था कि वह न तो उत्तर पूर्वी दिल्ली में दंगों के लिए शारीरिक रूप से मौजूद थी और न किसी समूह का हिस्सा थी।
अदालत ने कहा, वह जामिया या जामिया समन्वय समिति (जेसीसी ), पिंजर टॉड, छात्र या जामिया के पूर्व छात्र संघ या दिल्ली प्रोटेस्ट सपोर्ट ग्रुप के मुस्लिम छात्रों की सदस्य नहीं हैं।
उच्च न्यायालय ने बिना अनुमति के क्रिकेट मुकाबलों को स्ट्रीम (ऑनलाइन दिखाना) करके ऑनलाइन पाइरेसी से जुड़ी कुछ वेबसाइट को ब्लॉक करने का आदेश दिया है। 26 मार्च से शुरू हो रहे इंडियन प्रीमियर लीग टी20 टूर्नामेंट, टाटा आईपीएल 2022 को ध्यान में रखते हुए उच्च न्यायालय ने कहा कि याचिकाकर्ता स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और अन्य के निवेश की रक्षा करने की जरूरत है। सुनिश्चित करना होगा कि ये वेबसाइट टाटा आईपीएल 2022 के क्रिकेट मुकाबलों को गैरकानूनी तरीके से स्ट्रीम नहीं कर पाएं।
न्यायमूर्ति प्रतिभा एम सिंह ने 11 मार्च के आदेश में कहा अदालत प्रथम दृष्टया इस बात से संतुष्ट है कि ऐसी वेबसाइटों पर रोक लगाना जरूरी है, जो अचानक से सामने आ जाएं। पाइरेटिड सामग्री दिखाएं या बिना अनुमति के और गैरकानूनी तरीके से टाटा आईपीएल 2022 के मुकाबले स्ट्रीम करना शुरू कर दें। उच्च न्यायालय ने कई इंटरनेट सेवा प्रदाताओं (आईएसपी) को एचटीटीपी: लाइव.फ्लिक्सहबनेट, एनलाइव.फ्लिक्सहब.नेट, एचटीटीपी://टिटिकस्पोर्ट्स.कॉम, एनटिटिकस्पोर्ट्स.कॉम, एचटीटीपी://वीआईपीलीग.आईएम, एनवीआईपीलीग.आईएम, मैक्सस्पोर्ट.वन, गोल.टॉप, एचटीटीपी://टी20डब्ल्यूसी.एनएलएनटी20डब्ल्यूसी.एनएल, एचटीटीपी://वीआईपीस्टैंड.एसई एनवीआईपीस्टैंड.एसई और स्ट्रीम.बीटोलेट.आनलाइन को ब्लॉक करने को कहा है। अदालत ने साथ ही दूरसंचार विभाग (डीओटी) और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं इन्फारमेशन टेक्नोलॉजी मंत्रालय को भी इन वेबसाइट को ब्लॉक करने का निर्देश दिया है।
अदालत ने कहा कि टाटा आईपीएल 2022 के मुकाबलों के अवैध स्ट्रीम करने वाली अन्य वेबसाइटों का पता चलने पर याचिकाकर्ता साक्ष्य के साथ अदालत के समक्ष इस संदर्भ में हलफनामा दायर कर सकता है। अदालत ने स्टार इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के एक मुकदमे की सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश पारित किया है।