दिल्ली के कड़कड़डूमा कोर्ट ने बृहस्पतिवार को 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों के आरोपी शाहरुख पठान की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। पठान पर एक हेड कांस्टेबल पर बंदूक तानने का आरोप है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेई ने हिरासत की अवधि को आधार बनाकर दायर इस याचिका को खारिज किया।
शाहरुख पठान वर्तमान में तिहाड़ जेल में बंद हैं। शाहरुख पर दंगों से जुड़े दो मामलों में आरोप हैं, जिसमें जाफराबाद पुलिस स्टेशन में दर्ज प्राथमिकी मुख्य है जिसमें आरोप है कि उन्होंने हेड कांस्टेबल दीपक दहिया पर पिस्तौल तानी थी और एक व्यक्ति रोहित शुक्ल की हत्या की साजिश में शामिल थे। पठान को 3 मार्च 2020 को उत्तर प्रदेश के शामली जिले से गिरफ्तार किया गया था। दंगे 24 फरवरी 2020 को उत्तर-पूर्वी दिल्ली में भड़के थे, जिसमें 53 लोगों की मौत हुई और कई घायल हुए थे।
एक वीडियो में शाहरुख पठान को पुलिसकर्मी पर बंदूक तानते हुए कैद किया गया था, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया था। यह घटना जाफराबाद मेट्रो स्टेशन के पास हुई थी। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद जमानत देने से इनकार कर दिया। पठान की ओर से हिरासत की लंबी अवधि को आधार बनाकर जमानत मांगी गई थी, लेकिन कोर्ट ने इसे पर्याप्त आधार नहीं माना।