दिल्ली पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पटेल नगर और बलजीत नगर में किराए के कमरों से काम कर रहा था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 18.23 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।
दिल्ली पुलिस ने नकली नोट बनाने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह गिरोह पटेल नगर और बलजीत नगर में किराए के कमरों से काम कर रहा था। पुलिस ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है और कुल 18.23 लाख रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं।
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गिरोह के सदस्यों ने ऑनलाइन वीडियो देखकर नकली नोट बनाने की तकनीक सीखी थी। वे छपाई, डाई-कटिंग और ग्राफिक डिजाइनिंग का इस्तेमाल करते थे। यह मामला एक अक्तूबर को जनकपुरी में सामने आया। गश्त कर रहे पुलिसकर्मियों ने संदिग्ध अंकित कुमार (25) को पकड़ा। उसके पास से 500 रुपये के 250 नकली नोट मिले, जिनकी कीमत 1.25 लाख रुपये थी। एफएसएल विशेषज्ञ ने नोटों के नकली होने की पुष्टि की। अंकित ने पूछताछ में गगनदीप सिंह (31) और कुलवंत सिंह (44) का नाम बताया। पुलिस ने 2 अक्तूबर को बलजीत नगर से इन दोनों को गिरफ्तार किया। उनके किराए के कमरे से 16,98,800 रुपये के नकली नोट मिले। मकान मालिक अमित (34) को भी गिरफ्तार किया गया, क्योंकि उसे गतिविधियों की जानकारी थी।
गिरोह के सदस्यों की भूमिका
गगनदीप को छपाई और डाई-कटिंग मशीनरी चलाने का अनुभव था। कुलवंत को ग्राफिक डिजाइनिंग और फोटोशॉप की जानकारी थी। दोनों ने अपने कौशल का उपयोग करके नकली नोट बनाने का काम शुरू किया। अमित ने किराए पर जगह उपलब्ध कराई और बाद में इस काम में शामिल हो गया। अंकित नकली नोटों की आगे सप्लाई करता था।
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बरामद सामग्री और पृष्ठभूमि
पुलिस ने नकली नोट छापने से संबंधित सॉफ्टवेयर और डेटा वाला लैपटॉप और हार्ड डिस्क बरामद की। स्क्रीन-प्रिंटिंग फ्रेम, वॉटरमार्क डाई और हीट-लैमिनेटिंग मशीन जैसे अन्य उपकरण भी जब्त किए गए। गगनदीप ऑनलाइन गेमिंग में आर्थिक नुकसान के बाद इस काम में आया था। कुलवंत को पहले 2012 में फर्जी दस्तावेज से सिम कार्ड जारी करने के मामले में गिरफ्तार किया गया था।