आग्रह करके कोविड वार्ड में लगवाई ड्यूटी
एम्स की नर्सिंग अधिकारी उर्मिला ने कहा कि मैंने सात साल से एम्स में कार्यरत हूं। चिकित्सा निदेशक से आग्रह करके अपनी ड्यूटी कोविड वार्ड में लगवाई। उस दौरान परिवार के लोगों ने भी साथ दिया और कोरोना मरीजों का इलाज करने के लिए प्रेरित किया।
लगातार कई महीनों तक बिना छुट्टी लिए रोगियों की सेवा की। जब रोगी स्वस्थ होकर घर जाते थे तो बहुत खुश होते थे। उन्हें देखकर ही मुझे भी काफी खुशी होती थी। अब कुछ दिन से मामले फिर बढ़ रहे हैं। इस महामारी से लड़ने के लिए पूरी तरह तैयार हूं।
मैंने हिम्मत नहीं हारी और कोरोना को हराया
जीटीबी अस्पताल के नर्सिंग अधिकारी संदीप अमेटा ने कहा कि अस्पताल के कोविड-19 क्लीनिक में कोरोना सैंपल कॉर्डिनेटर इंचार्ज के रूप में पांच माह सेवाएं दी। कोरोना संदिग्धों के सैंपल खुद ही लेकर अलग-अलग लैब में जाता था। उस दौरान सैंपल लेकर जिस भी घर से निकलता था, आसपास के लोग अजीब सी निगाह से देखते थे, लेकिन हतोत्साहित नहीं हुआ।
लगातार अपने कार्य में लगा रहा। इस दौरान संक्रमित भी हुआ और स्थिति इतनी गंभीर हुई कि एक माह तक आईसीयू में भर्ती रहना पड़ा, लेकिन हिम्मत नहीं हारी और कोरोना के खिलाफ जंग जीत गया।