राजधानी में कोरोना संक्रमण से पहले के मुकाबले ज्यादा बच्चे संक्रमित हो रहे हैं। दिल्ली के तीन बड़े अस्पतालों में पिछले दो माह में करीब 84 बच्चे भर्ती हुए हैं। दिल्ली सरकार का कहना है कि जिस हिसाब से इस बार रिकॉर्ड स्तर पर संक्रमित बढ़े हैं। उसके मुकाबले बच्चों में संक्रमण के मामले काफी कम हैं। हालांकि, यह पिछली लहर के मुकाबले ज्यादा है।
दिल्ली सरकार के लोकनायक अस्पताल में पिछले दो माह में आठ से 15 साल की उम्र के 29 बच्चे भर्ती हुए थे, पिछले बार यह संख्या आठ थी। इसी प्रकार जीटीबी अस्पताल में भी इस बार करीब 15 बच्चे भर्ती हुए हैं। पिछली बार यह संख्या पांच थी। फोर्टिस अस्पताल में पिछली लहर में 25 बच्चे भर्ती हुए थे, लेकिन इस बार यह संख्या 40 तक पहुंच गई है।
इसके अलावा विभिन्न निजी अस्पतालों में भी औसतन पांच से आठ बच्चों को भर्ती किया गया था। दिल्ली स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि विशेषज्ञों के आकलन के हिसाब से आने वाली लहर में बच्चे ज्यादा प्रभावित होंगे। इसको देखते हुए अस्पतालों में व्यवस्था कि जा रही है। इस क्रम में बेड कि संख्या को बढ़ाया जा रहा है।
लोकनायक में छह वेंटिलेटर बढ़ाए गए
संक्रमण के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोकनायक अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए छह वेंटिलेटर बेड बढ़ा दिए गए हैं। पहले अस्पताल के बाल रोग विभाग में 15 वेंटिलेटर थे, जिनकी संख्या बढ़ाकर 21 कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पिछले दो माह में अस्पताल में 29 बच्चे भर्ती हुए थे। इनमें से 22 को छुट्टी दी जा चुकी है। उन्होंने कहा कि इस बार इलाज के लिए भर्ती हुए बच्चों की संख्या पहले के मुकाबले चार गुना ज्यादा है।
कलावती सरन अस्पताल में बनेगा विशेष वार्ड
सीएसआईआर के तहत दिल्ली के कलावसी सरन अस्पताल में कोरोना संक्रमित बच्चों के लिए विशेष वार्ड बनाया जाएगा। जल्द ही इसका काम शुरू होगा।