कोरोनावायरस को लेकर सरकार की सख्ती का असर अब दिखाई देने लगा है। आईजीआई एयरपोर्ट पर विदेश से आने वाले लोगों का पासपोर्ट जब्त किया जा रहा है। इसकी वजह कोरोना की जांच है। कई लोग विदेश से जांच रिपोर्ट साथ लाते हैं। आव्रजन अधिकारी जब यहां पर उनकी जांच करते हैं तो वे एतराज करने लगते हैं।
पिछले दिनों कई केस ऐसे देखने को मिले थे, जिनमें रिपोर्ट जारी करने वाली विदेशी एजेंसी पर सवाल खड़े हुए थे। उस रिपोर्ट में सम्बंधित यात्री की मेडिकल केस हिस्ट्री होती है। सीआईएसएफ के सूत्रों का कहना है कि कई यात्री एयरपोर्ट से जबरन बाहर निकलने का प्रयास करते हैं, जब उनसे जांच में सहयोग की अपील की जाती है तो वे आपा खोने लगते हैं।
आव्रजन अधिकारियों से बहस करने के बाद वे हमारे पास आते हैं। कहते हैं कि हमारा पासपोर्ट दिलाएं। कोरोना वायरस को लेकर सरकार के सख्त निर्देश हैं कि बिना सम्पूर्ण जांच के किसी भी यात्री को हवाईअड्डे से बाहर न जाने दिया जाए।
यही वजह है कि जांच पूरी होने तक यात्रियों का पासपोर्ट जमा करा लिया जाता है। इसमें विदेशी और भारतीय मूल, दोनों शामिल हैं। हालांकि सभी परीक्षण पूरे होने के बाद पासपोर्ट लौटा दिया जाता है।
गौरतलब है कि बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के उच्चाधिकारियों और स्वास्थ्य मंत्रालय के विशेष सचिव संजीव कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में फैसला लिया गया था कि विदेश से आने वाले भारतीयों का पासपोर्ट एयरपोर्ट पर ही जब्त कर लिया जाए।
इसके तहत नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एयरपोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए हैं कि कोरोना वायरस प्रभावित देशों से भारत आ रहे यात्रियों की गंभीरता से स्क्रीनिंग की जाए। इसके बाद ही यात्री इमिग्रेशन काउंटर तक पहुंच सकते हैं।
यहां पर यात्रियों को पासपोर्ट के साथ सेल्फ रिपोर्टिंग फार्म भरकर देना होगा। पूरी जांच के बाद पासपोर्ट सुरक्षा के लिए बनाई गई टीम के लीडर को सौंप दिया जाएगा। उसके बाद यात्रियों को कोरोना की पूरी जांच करानी होगी। इस दौरान उनका पासपोर्ट चीफ मेडिकल ऑफिसर को सौंप दिया जाएगा।
जांच के दौरान जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिखाई देंगे उन्हें उपचार के लिए भेजा जाएगा। जिनकी स्थिति बेहतर होगी उन्हें होम क्वारंटाइन में भेज दिया जाएगा। पुष्टि होने के बाद पासपोर्ट के साथ घर जाने दिया जाएगा।