कोरोना वायरस की रैपिड जांच के लिए दिल्ली सरकार ने योजना बना ली है। एक सप्ताह में दिल्ली सरकार 11 जिलों के हॉटस्पॉट में 42 हजार किट के जरिए एंटीबॉडी जांच कराने जा रही है। दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन का कहना है कि किट मिलने के बाद लोकनायक अस्पताल में रविवार को इसे लेकर प्रशिक्षण आदि का काम पूरा हो गया। सोमवार से रैपिड जांच शुरू होगी।
कोरोना वायरस के सर्विलांस के लिए केंद्र ने दिल्ली सरकार को 42 हजार किट उपलब्ध कराई हैं। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, दिल्ली से 1 लाख किट की मांग की गई थी, जिसकी पहली खेप मिल चुकी है। इन किट्स के इस्तेमाल को लेकर केंद्र ने दिशा-निर्देश भी दिए हैं।
उन्हीं के चलते सभी जिला टीमों को जांच शुरू करने से पहले दिशा-निर्देशों के बारे में बताया जा रहा है। रैपिड जांच केवल सर्विलांस के लिए इस्तेमाल होती है। जिन लोगों को संक्रमण होता है उनमें करीब सात दिन बाद एंटीबॉडी बनने शुरू हो जाते हैं। यह किट उन मरीजों में एंटीबॉडी की पहचान करके महज 15 से 20 मिनट में जानकारी दे सकती है।
रविवार को मध्य दिल्ली जिला आयुक्त निधि श्रीवास्तव ने जिले के सात हॉटस्पॉट से सैंपल एकत्रित करने के लिए कोरोना मोबाइल टेस्टिंग लैब को तैयार किया। इसकी मदद से एक बार में दो नमूने एकत्र किए जा सकते हैं।
वहीं स्वास्थ्य कर्मी बिना मरीज के संपर्क में आए आसानी से सैंपल लेकर उन्हें सुरक्षित रख सकता है। सैंपल लेने के दौरान मोबाइल वैन की मदद से जागरूकता अभियान भी चलाया जाएगा। लोगों को क्रिएटिव तरीके कोरोना से बचने के उपाय बताए जाएंगे।