हाईकोर्ट ने कोविड19 के कारण देश भर में लागू लाॅकडाउन के दौरान महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और बाल शोषण के बढ़ते मामलों पर केन्द्र और दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है।
इस संबंध में एक गैर सरकारी संस्था ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ ह्यूमन राइट्स, लिबर्टीज एंड सोशल जस्टिस की ओर से याचिका दायर करके तत्काल उचित कदम उठाने की मांग की गई।
न्यायमूर्ति जेआर मिधा और ज्योति सिंह की पीठ ने याचिका पर संज्ञान लेते हुए महिला एंव बाल विकास, स्वास्थ्य और सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही पीठ ने दिल्ली सरकार और महिला आयोग को भी नोटिस भेजकर इस संबंध में जवाब मांगा है।
याचिका में उठाए गए मुद्दें को गंभीरता से लेते हुए पीठ ने ऐसे मामलों को देखने के लिए उच्च स्तरीय समिति के गठन का भी निर्देश दिया है और समिति की रिपोर्ट मामले की अगली सुनवाई 24 अप्रैल तक मांगी गई है।
याचिका में कहा गया है कि पूरे देश में लाॅकडाउन लागू होने के बाद से पहले 11 दिनों में महिलाओं के साथ घरेलू हिंसा और शोषण की शिकायतों को लेकर 92 हजार काॅल्स मिली हैं। इस संबंध में पीड़िताओं द्वारा मदद की गुहार लगाई गई।
इसके आधार पर शिकायतों पर कार्रवाई के लिए नोडल अधिकारी नियुक्त करने की मांग की गई। याचिका में पीड़ित महिलाओं की मदद के लिए 24 घंटे काम करने वाली हाॅटलाइन स्थापित करने की भी मांग की गई, जिसके लिए सरकारों को निर्देश देने का आग्रह किया गया।
याचिका में कहा गया कि लाॅकडाउन के कारण महिलाएं अपने परिवारों और दोस्तों से दूर हो गई हैं, जिस कारण घरेलू हिंसा की स्थिति में वे अपने किसी परिचित से भी मदद नहीं ले पा रहीं हैं, जिसके चलते इस मामलें में तत्काल कदम उठाने की जरूरत है।