नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में 97वां दीक्षांत समारोह 27 फरवरी को आयोजित होगा। कोविड-19 के हालात सुधरने के कारण इसे फरवरी में आयोजित करने का फैसला किया गया है। हालांकि यह ऑफलाइन होगा या ऑनलाइन, ये स्पष्ट नहीं है। वहीं डीयू अगले साल 2022 में अपनी स्थापना के सौ वर्ष पूरे करेगा। इसे खास बनाने के लिए एक कमेटी बनाई जाएगी जो कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार करेगी।
दिल्ली विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति प्रो पीसी जोशी ने मंगलवार को अपने छह माह का लेखा-जोखा पेश करते हुए यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय के लिए यह बड़ी बात है कि वह अपनी स्थापना के सौ साल पूरे करे। एक कमेटी बनाकर इससे जुड़े कार्यक्रम की योजना पर काम किया जाएगा। साथ ही पूर्व छात्रों को भी जोड़ा जाएगा।
उन्होंने जानकारी दी है कि विवि रिसर्च को बढ़ावा देने की योजना पर भी काम कर रहा है इसे अब गति दी जाएगी। वहीं विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाने के लिए डीयू ने मिशन 500 और मिशन 300 बनाए हैं। मिशन 500 का उदेश्य क्यूएस वर्ल्ड रैंकिंग में प्रमुख 500 संस्थानों की सूची में अपने को शामिल करना है। डीयू का प्रयास है कि इसमें कम से कम 470 रैंक प्राप्त की जाए।
वहीं मिशन 300 के तहत डीयू ने 300 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य रखा है। इसके लिए डीयू अपने छात्रों, शिक्षकों, कर्मचारियों व अपने पूर्व छात्रों से दान मांगेगा। जिससे डीयू को और बेहतर बनाया जा सके।
डीयू अब देश के अन्य कॉलेजों की मदद करेगा। इसके लिए डीयू ने विद्या विस्तार योजना की शुरुआत की है। इस योजना के तहत देश के विभिन्न इलाकों के कॉलेजों में जहां सुविधाएं नहीं हैं या अन्य किसी प्रकार की समस्या है, तो उसके लिए डीयू सहयोग करेगा।
इस योजना के तहत डीयू खुद ही पूर्वोत्तर, अंडमान निकोबार, लद्दाख, जैसलमेर समेत अन्य इलाकों के कॉलेजों को सहयोग देने के लिए चुनेगा। कॉलेजों को शोध कार्य में भी सहयोग दिया जाएगा।