राजधानी में मार्च के पहले सप्ताह से आम लोगों के लिए टीकाकरण शुरू होने जा रहा है। इस चरण में 60 साल से अधिक उम्र के लोगों और 45 साल से ज्यादा उम्र के लोग, जो किसी बीमारी से पीड़ित है, उनको वैक्सीन लगाई जाएगी। टीकाकरण के लिए जिलेवार डाटा एकत्र किया जा रहा है। सरकार की कोशिश है कि इन लोगों को उनके घर के पास ही वैक्सीन लेने की सुविधा मिल सके।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, 42 लाख लोगों को टीका लगाया जाना है। 60 साल से अधिक उम्र के लोग वैक्सीन लेने के लिए को-विन एप पर अपना पंजीकरण करा सकेंगे। वहीं, पहले से बीमार लोग भी को-विन और आरोग्य सेतु एप पर अपना मेडिकल प्रमाण पत्र अपलोड कर टीकाकरण के लिए पंजीकरण करा सकेंगे। इसके लिए दोनों एप को एक साथ जोड़ा जा रहा है। मार्च के पहले सप्ताह से सरकारी और निजी दोनों अस्पतालों में वैक्सीन लेने की सुविधा मिलेगी।
अगर किसी व्यक्ति का फोन के माध्यम से पंजीकरण नहीं हो सका है तो वह अस्पताल में आकर अपना पहचान पत्र दिखाकर भी टीका ले सकेंगे। यह लोग अपने हिसाब से टीकाकरण केंद्र और वैक्सीन लगने का दिन चुन सकेंगे। विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि सरकार की कोशिश है कि वैक्सीन लेने वालों को उनके घर के पास के टीकाकरण केंद्र की सुविधा मिल सके। इसके लिए जिलवार डाटा एकत्र किया जा रहा है। प्रत्येक जिले में कितने लोगों को टीका लगना है। उसके हिसाब से ही केंद्र बनाए जाएंगे।
एक हजार तक बढ़ेगी वैक्सीन केंद्रों की संख्या
कोविड इंडिया टास्क फोर्स की सदस्य प्रोफेसर सुनील गर्ग ने बताया कि दिल्ली में वैक्सीन केंद्रों की संख्या को बढ़ाकर एक हजार तक किया जा सकता है। हर दिन केंद्र की संख्या में इजाफ़ा किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दिल्ली में स्वास्थ्य कर्मचारियों और अग्रिम मोर्चे पर तैनात कर्मचारियों का टीकाकरण भी अभी इसी प्रकार चलता रहेगा।
अधिक उम्र के लोगों को टीका लेना बहुत जरूरी
राजीव गांधी अस्पताल के डॉक्टर अजीत जैन ने बताया कि अधिक उम्र के लोगों का टीकाकरण होना बहुत जरूरी है। क्योकि संक्रमण से सबसे ज्यादा प्रभावित इसी उम्र के लोग ही हुए हैं। ऐसे में जरूरी है कि सर्वाधिक पीड़ित आयुवर्ग वालों का सबसे पहले टीकाकरण किया जाए।