नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय में मार्च 2020 के बाद से अब एक फरवरी से अंतिम वर्ष के छात्रों के लिए कॉलेज खुलने जा रहे हैं। छात्रों को केवल लैब व लाइब्रेरी के उपयोग की ही अनुमति दी गई है। कॉलेजों ने कोविड-19 की एसओपी के आधार पर अपनी तैयारी पूरी कर ली है। कॉलेजों ने एंट्री गेट और लैब के बाहर टच फ्री सैनिटाइजर मशीनें लगाई हैं। कॉलेज परिसर में प्रवेश थर्मल स्क्रीनिंग के आधार पर ही मिलेगा। एक हफ्ते बाद इन सब व्यवस्थाओं की समीक्षा की जाएगी।
राजधानी कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ राजेश गिरी ने बताया कि हमने एक कोविड टास्क फोर्स बनाई थी। उसकी सिफारिशों के आधार पर बुधवार को सभी इंचार्ज के साथ तैयारियों को लेकर एक बैठक की गई। उन्होंने बताया कि कॉलेज ने एंट्री गेट, लैब, लाइब्रेरी के बाहर टच फ्री सैनिटाइजर मशीनें लगाई हैं। सोमवार को छात्रों की एंट्री 10.30 बजे होगी। उससे पहले सुबह सात बजे कॉलेज को सैनिटाइज किया जाएगा। लैब के बाहर रजिस्टर रखवाए गए हैं, जिसमें छात्रों का नाम, क्लास, रोल नंबर, और वह किस टाइम आया है, इसकी जानकारी रखी जाएगी।
थर्मल स्क्रीनिंग के आधार पर ही छात्रों को एंट्री मिलेगी। छात्रों से गूगल फॉर्म के माध्यम से कॉलेज आने की सहमति ली जा रही है। रविवार तक पता चल जाएगा कि कॉलेज में कितने छात्र आएंगे। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि छात्र कॉलेज का समय समाप्त होने के बाद कॉलेज में ना रुकें। इस पूरी व्यवस्था की एक हफ्ते बाद समीक्षा की जाएगी और देखा जाएगा कि कुछ अतिरिक्त व्यवस्था करने की आवश्यकता तो नहीं है।
लक्ष्मीबाई कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ प्रत्युष वत्सला ने बताया कि कॉलेज ने तैयारी कर ली है। कॉलेज को लगातार समय-समय पर सैनिटाइज किया जा रहा है। कॉलेज में साइंस स्ट्रीम नहीं है। इसलिए केवल अन्य स्ट्रीम के अंतिम वर्ष के छात्र लाइब्रेरी का उपयोग करने के लिए आएंगे। कॉलेज में छात्र कम होंगे फिर भी इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि सामाजिक दूरी का पालन हो। फिलहाल कैंटीन नहीं खोली जाएगी।
वहीं कुछ कॉलेजों की ओर से कॉलेज खोलने की तैयारियों को लेकर मॉक ड्रिल की जा चुकी है। डीयू ने एक फरवरी से अंतिम वर्ष के छात्रों को प्रैक्टिकल कक्षाओं व प्रयोगशाला में बुलाने की मंजूरी प्रदान की है।