15 अक्तूबर से मेंटेनेंस भुगतान बंद करने का फैसला
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। दिल्ली की सहकारी हाउसिंग सोसाइटियों ने 2,000 रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर लगने वाले एमडीआर का विरोध किया है। रोहिणी सेक्टर-9 स्थित न्यू सरस्वती कोऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी लिमिटेड के मुताबिक, शुल्क लागू होने वाले लेनदेन के लिए वह यूपीआई से मासिक मेंटेनेंस भुगतान लेना बंद करेगी।
सोसाइटी के अध्यक्ष सचिन शर्मा ने कहा कि 15 अक्तूबर से 2,000 रुपये से अधिक के तय यूपीआई कारोबारी लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर लागू होना है। इसके लिए तय सीमा भी होगी। सहकारी हाउसिंग सोसाइटी मुनाफा कमाने वाली संस्था नहीं है। निवासियों से मिलने वाला मेंटेनेंस शुल्क सुरक्षा, सफाई, बिजली, लिफ्ट, मरम्मत, कर्मचारियों के वेतन और अन्य जरूरी सुविधाओं पर खर्च होता है। ऐसे में यूपीआई भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क सोसाइटी के लिए नया खर्च बन जाएगा। संवाद
सोसाइटी के मुताबिक, शुल्क बढ़ने से खातों का हिसाब रखने और भुगतान के मिलान में भी परेशानी बढ़ सकती है। इसी वजह से एमडीआर वाले लेनदेन के लिए यूपीआई से मेंटेनेंस भुगतान की सुविधा बंद करने का फैसला लिया गया है। सोसाइटी ने सरकार और संबंधित अधिकारियों से गैर-मुनाफे वाली आवासीय संस्थाओं के लिए उचित व्यवस्था करने की मांग की है।