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Budget : 13 हजार करोड़ की बूस्टर डोज से सेहतमंद होगी दिल्ली, बिजली और सोलर पर जोर, बनाए जाएंगे नए फायर स्टेशन

Wed, 25 Mar 2026 04:01 PM IST
Digvijay Singh अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली

सार

राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा के बाद स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। दिल्ली की सेहत सुधारने के लिए बजट में 13034 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
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सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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दिल्ली सरकार ने वर्ष 2026-27 के बजट में शिक्षा, महिला सुरक्षा, गिग वर्कर्स और बुनियादी सुविधाओं पर फोकस करते हुए हर वर्ग को साधने की कोशिश की है। बजट में शिक्षा को एक बार फिर विकास की धुरी बनाते हुए सबसे बड़ी प्राथमिकता दी गई है, वहीं सामाजिक सुरक्षा और शहरी सुविधाओं को भी मजबूती देने की दिशा में कई अहम घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने कुल 1,03,700 करोड़ रुपये के बजट में शिक्षा के लिए 19,326 करोड़ रुपये का रिकॉर्ड प्रावधान किया है, जो कुल बजट का 18.64 प्रतिशत है। यह अब तक का सबसे अधिक आवंटन है। सरकार का कहना है कि यह खर्च नहीं बल्कि भविष्य में निवेश है। 

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बिजली और सोलर पर जोर
प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना और उत्पादन आधारित प्रोत्साहन योजना के जरिये लोगों को सोलर पावर अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा, पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक इलाके में 28 ऐतिहासिक सड़कों और गलियों में लटकते बिजली के तारों को हटाने का काम शुरू हो चुका है। करीब 160 करोड़ रुपये की लागत से 52.5 किलोमीटर लंबी ओवरहेड लाइनों को भूमिगत किया जाएगा। अन्य क्षेत्रों में हाई और लो टेंशन लाइनों को अंडरग्राउंड करने के लिए 200 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है। नए सब-स्टेशन और ट्रांसफॉर्मर भी लगाए जा रहे हैं।

 

13 हजार करोड़ की बूस्टर डोज से सेहतमंद होगी दिल्ली
राजधानी की स्वास्थ्य व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने बजट 2026-27 में शिक्षा के बाद स्वास्थ्य पर सबसे ज्यादा फोकस किया है। दिल्ली की सेहत सुधारने के लिए बजट में 13034 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बजट में अस्पताल परियोजनाओं को रफ्तार देने, यमुनापार में पहला ट्रामा सेंटर स्थापित करने, नवजातों की सेहत के लिए पहली बार अनमोल योजना की घोषणा की गई है। पिछले बजट की तुलना में इस बार बजट में 141 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी की गई है। मादीपुर, सिरसपुर, हस्तसाल और ज्वालापुरी में 515 करोड़ के निवेश से अस्पताल परियोजनाएं पूरी होंगी। राव तुला राम मेमोरियल अस्पताल, बाबा साहेब अंबेडकर अस्पताल और लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा। अधूरे पड़े लोकनायक अस्पताल एवं सत्यवादी राजा हरिशचंद्र अस्पताल का निर्माण कार्य पूरा किया जाएगा। 787 करोड़ से चिकित्सीय उपकरणों और दवा की खरीद होगी। आईसीयू अस्पतालों के निर्माण कार्य को पूरा करने के लिए 150 करोड़ का प्रावधान है और 750 नए आयुष्मान आरोग्य मंदिर बनेंगे, पीएम जन आरोग्य योजना के विस्तार करते हुए ट्रांसजेंडर को भी इसका हिस्सा बनाया है। यमुनापार में बनेगा ट्रामा सेंटर जीटीबी अस्पताल में 200 करोड़ की लागत से ट्रामा सेंटर का निर्माण प्रस्तावित।

 

द्वारका में बनेगा नया मेडिकल कॉलेज
द्वारका स्थित इंदिरा गांधी अस्पताल में 50 करोड़ से नए मेडिकल कॉलेज का प्रस्ताव है। मेडिकल कॉलेज में यूजी की सीट को 595 से बढ़ाकर 820, पीजी की 553 सीट को बढ़ाकर 762 किया जाएगा। मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज में छात्र-छात्राओं के लिए एक नए हॉस्टल निर्माण के लिए 50 करोड़ का बजट आवंटित किया है।

 

एक क्लिक पर जान सकेंगे वेंटिलेटर बेड
दिल्ली में 20 मेडिकल कॉलेज है। सरकारी और निजी अस्पतालों में वेंटिलेटर बेड की वास्तविक स्थिति का ब्योरा देने के लिए रियल टाइम वेंटिलेटर बेड वैकेंसी मॉनिटरिंग सिस्टम शुरू करने की घोषणा की गई है।

अग्निशमन सेवा का भी बजट बढ़ाया 
दिल्ली में आग की घटनाओं को देखते हुए फायर सर्विस का बजट 530 करोड़ से बढ़ाकर 674 करोड़ रुपये किया गया है। इसके तहत नए फायर स्टेशन बनाए जाएंगे, 26 क्विक रिस्पॉन्स व्हीकल (क्यूआरवी) जोड़े जाएंगे और आधुनिक मशीनरी व उपकरण उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे खासकर तंग गलियों और झुग्गी बस्तियों में राहत और बचाव कार्य तेज हो सकेगा।

35 लाख देसी पौधे और नए वन क्षेत्र होंगे विकसित
बजट में फॉरेस्ट डेवलपमेंट के लिए 130 करोड़ रुपये, वाइल्डलाइफ प्रोटेक्शन के लिए 44 करोड़ रुपये और दिल्ली पार्क्स एंड गार्डन्स सोसाइटी के लिए 25 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। इस अवधि में पीपल, आम और नीम जैसे 35 लाख देसी पौधे लगाए जाएंगे और नए वन क्षेत्र भी विकसित किए जाएंगे। सरकार ने मॉनिटरिंग और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 2 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि भी रखी है। इसके तहत एकीकृत कमान और नियंत्रण केंद्र (आईसीसीसी), वॉर-रूम ऑपरेशन, मोबाइल ऐप और रियल-टाइम ट्रैकिंग जैसी तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा।

 
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ई-वाहन और ई-कचरा प्रबंधन पर जोर
दिल्ली सरकार अब केवल आज की समस्याओं को हल करने तक सीमित नहीं है, बल्कि आने वाले समय की तैयारी भी कर रही है। सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) इकोसिस्टम को बढ़ावा देने के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक कचरे (ई-वेस्ट) की योजना भी शुरू की है। इससे न केवल प्रदूषण कम होगा, बल्कि शहर में स्वच्छ और टिकाऊ वातावरण सुनिश्चित होगा। कार्बन क्रेडिट मोनेटाइजेशन स्कीम को भी आगे बढ़ाया है जिसके जरिये प्रदूषण कम करने वाले कदमों को आर्थिक मूल्य में बदला जाएगा। मजबूत मापन, रिपोर्टिंग और सत्यापन (एमआरवी) प्रणाली के जरिए स्कीम पर निगरानी रखी जाएगी। इससे नई तकनीकों और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा और दिल्ली में स्थिरता और पर्यावरणीय सुरक्षा को तेजी से आगे बढ़ाया जा सकेगा।
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