सीबीआई द्वारा कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार की जांच शुरू किए जाने के बाद जुलाई 2022 में तत्कालीन केजरीवाल के नेतृत्व वाली आप सरकार ने आबकारी नीति वापस ले ली थी। जहां केजरीवाल ने अदालत के फैसले को यह साबित करने वाला बताया कि वह और आम आदमी पार्टी कट्टर ईमानदार हैं, वहीं दिल्ली की मुख्यमंत्री ने इन दावों को महज दिखावा करार दिया।
रेखा गुप्ता ने कहा कि आप ऐसे व्यक्ति हैं जो 42 साइज की शर्ट में फिट हो सकते हैं, लेकिन खुद को साधारण दिखाने के लिए 44 साइज की शर्ट पहनते हैं। आपको शीश महल के बाहर रहना पसंद नहीं है। उन्होंने कहा कि दिल्ली में हार के बाद आप पंजाब के शीश महल में रह रहे हैं। आप जेट के अलावा यात्रा करना पसंद नहीं करते और खुद को ईमानदार आम आदमी कहते हैं।
मुख्यमंत्री ने यह भी पूछा कि क्या एक बोतल खरीदने पर एक बोतल मुफ्त देने, शराब कारोबारियों का कमीशन पांच प्रतिशत से बढ़ाकर 12 प्रतिशत करने और बाद में रद्द की गई आबकारी नीति के तहत खुदरा शराब बिक्री का निजीकरण करना सही था। उन्होंने कहा कि समय-समय पर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय ने इस पर चिंता जताई है और जांच एजेंसियों द्वारा धनशोधन के साक्ष्य मिलने का दावा किया गया है।
रेखा गुप्ता ने आरोप लगाया कि केजरीवाल ने दिल्ली की जनता को दर्जनों मामलों में धोखा दिया। क्या शीश महल के जरिए दिल्ली की जनता को धोखा नहीं दिया? क्या केजरीवाल ने स्कूल घोटाले में दिल्ली की जनता को धोखा नहीं दिया? आप ने कुछ भी अछूता नहीं छोड़ा। अब केजरीवाल ईमानदारी की बात करते हैं, जो अब भी उनके पास नहीं है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि केजरीवाल को उनके कथित गलत कार्यों के कारण दिल्ली की सत्ता से बाहर किया गया और मामले के अगले चरण में अंततः न्याय मिलेगा। सीबीआई ने आबकारी नीति मामले में केजरीवाल और अन्य आरोपियों को आरोपमुक्त किए जाने के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील दायर की है।