कोरोना की चपेट से देश को बचाने के लिए हमें वैक्सीन की उपलब्धता को तुरंत बढ़ानी पड़ेगी। इसके लिए केंद्र सरकार को मेरे चार सुझाव हैं-
-पहला यह कि भारतीय बायोटेक कंपनी जो कोवैक्सीन बनाती है, वह अपना फॉर्मूला दूसरी कंपनियों को देने के लिए तैयार है। केंद्र सरकार देश में वैक्सीन बनाने वाली अन्य सभी कंपनियों को बुलाकर आदेश दे कि युद्धस्तर पर इस फॉर्मूले से वैक्सीन बनाई जाए।
-दूसरा यह कि सभी विदेशी वैक्सीन को भारत में इस्तेमाल करने की अनुमति दी जाए और विदेशी वैक्सीन के निर्माताओं से केंद्र सरकार खुद बात करे। यह काम राज्य सरकारों पर नहीं छोड़नी चाहिए।
-कई राज्य जो अपनी जनसंख्या के मुकाबले अत्यधिक वैक्सीन जमा कर रहे हैं उनसे केंद्र को बात करनी चाहिए और ऐसा करने से मना करना चाहिए।
-विदेशी वैक्सीन की कंपनियों को भारत में भी उत्पादन की अनुमति दी जाए।
मुख्यमंत्री केजरीवाल ने राजधानी में कोरोना वैक्सीन की स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री मोदी को एक पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने लिखा है कि वैक्सीन के डोज की कमी के कारण हमें युवाओं के लिए चल रहे वैक्सीनेशन सेंटरों को बंद करना पड़ा है। दिल्ली में सभी लोग तीन महीने के अंदर टीका लगवा लें, इसके लिए हमें हर महीने 80 लाख वैक्सीन की जरूरत है।
उन्होंने आगे लिखा कि दिल्ली को मई में केवल 16 लाख वैक्सीन की डोज मिल पाई थी और हमें जानकारी मिली है कि जून में हमें केवल आठ लाख डोज मिलेंगे। अगर यही रफ्तार रही तो हमें केवल युवाओं को वैक्सीनेट करने में 30 महीने लग जाएंगे।