मेटकॉफ हाउस पर नया पंप हाउस चालू, जलभराव हॉटस्पॉट को मिला स्थायी समाधान
2500 किलोलीटर प्रति घंटे स्थायी पंप हाउस की क्षमता, बिजली जाने पर भी निकालेगा पानी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
यमुना में बाढ़ आने पर सिविल लाइंस क्षेत्र में हर साल जलभराव से अब स्थायी राहत मिलेगी। दिल्ली सरकार ने बृहस्पतिवार को मेटकॉफ हाउस रेगुलेटर पर आधुनिक स्थायी पंप हाउस को चालू कर दिया है। यह पंप हाउस यमुना का जलस्तर बढ़ने पर रेगुलेटर बंद होने की स्थिति में भी बरसाती पानी को तेजी से निकालेगा। अब हर साल यहां अस्थायी पंप भी नहीं लगाने पड़ेंगे।
जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने पंप हाउस का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इससे सिविल लाइंस क्षेत्र में लंबे समय से चली आ रही जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान हो गया है। लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। पहले यमुना का जलस्तर बढ़ने पर मेटकॉफ हाउस रेगुलेटर को बंद करना पड़ता था। इससे आसपास के इलाकों का बरसाती पानी बाहर नहीं निकल पाता था। सड़कें, गलियां, घर भी जलमग्न हो जाते थे। हर साल इस स्थिति से निपटने के लिए अस्थायी पंप लगाने पड़ते थे, लेकिन अब उनकी जगह स्थायी व्यवस्था कर दी गई है।
हर घंटे 2500 किलोलीटर पानी निकालेगा पंप
पंप हाउस में 75 हॉर्स पावर के तीन और 35 हॉर्स पावर का एक सबमर्सिबल पंप लगाया गया है। इनकी कुल पंपिंग क्षमता करीब 2500 किलोलीटर प्रति घंटे है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर भी पंपिंग व्यवस्था चालू रखने के लिए 250 केवीए का डीजी सेट लगाया गया है। साथ ही ऊर्जा की बचत और सुरक्षित संचालन के लिए आधुनिक सॉफ्ट स्टार्टर पैनल भी स्थापित किया गया है। प्रवेश साहिब सिंह ने कहा किसंवेदनशील स्थानों की पहचान कर ड्रेनेज ढांचे को मजबूत किया जा रहा है, ताकि भारी बारिश और यमुना का जलस्तर बढ़ने जैसी परिस्थितियों में भी लोगों को परेशानी न हो।