सब्जियों की आवक कम होने और व्यापारियों के मंडी से दूरी बनाने की वजह से सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं। आलू-प्याज जहां पिछले दिनों खुदरा बाजार में 20-20 रुपये प्रति किग्रा. बिक रहे थे वहीं, बुधवार को 30-35 रुपये प्रति किग्रा. तक पहुंच गया। भिंडी 40 रुपये की जगह 80 रुपये, करेला 30 से बढ़कर 60 रुपये प्रति किग्रा. बिका। लौकी 30 रुपये तो तुरई 60-70 रुपये प्रति किग्रा. बिकी। वहीं, घास मंडी का शेड खाली रहा। इस वजह से सरसों, पालक, धनिया समेत अन्य पत्त्ते वाली हरी सब्जियां नदारद रही। खुदरा बाजार में बिकी भी तो मनमाने कीमत में।
सब्जी खरीदने जाएं तो ये बरतें सावधानी
-उस सब्जी विक्रेता के पास जाए जो बार-बार हाथ सैनिटाइज कर रहा हो।
-जहां सोशल डिस्टेंसिंग का पालन किया जा रहा हो।
-सब्जी विक्रेता मास्क व दास्ताना नहीं पहना हो तो उससे सब्जी नहीं खरीदें।
-यह जरूर पता कर लें कि विक्रेता को बुखार या सर्दी-खांसी तो नहीं है।
केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को लिखा पत्र
एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स मार्केटिंग कमेटी आजादपुर ने केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव को पत्र लिखकर बताया कि आजादपुर मंडी में अभी तक 14 लोगों के संक्रमण की पुष्टि हुई है। इस वजह से मंडी के व्यापारियों में भय का माहौल है। एपीएमसी के सेक्रेटरी तनवीर अहमद की तरफ से स्वास्थ्य सचिव को लिखे गए पत्र में यह भी कहा गया है कि मंडी में कम से कम दो डाक्टरों की टीम को तैनात किया जाए। क्योंकि, मंडी में कोरोना वायरस की वजह से व्यापारियों, पल्लेदारों, मजदूरों में काफी भय है। अगर ऐसी ही स्थिति रही तो अति आवश्यक खाद्य पदार्थ सब्जी व फल की आपूर्ति में समस्या उत्पन्न हो सकती है। मंडी 24 अप्रैल से सातों दिन 24 घंटे खुली हुई है।
मंडी की जा रही है सैनिटाइज : सतेंद्र जैन
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा है कि आजादपुर मंडी को संक्रमण मुक्त किया जा रहा है। जहां संक्रमित व्यापारी काम पर आता था उस दुकान के आसपास की सभी दुकानें सील कर दी गई हैं और सभी एहतियाती उपाय किए जा रहे हैं। एपीएमसी के चेयरमैन आदिल अहमद ने कहा है कि आजादपुर मंडी में सब्जी और फल मिलाकर करीब 5000 टन आवक रही। लॉकडाउन के बाद से मंडी में आवक करीब 7-8 हजार टन तक दर्ज की जा रही थी। मांग के अनुपात में सब्जियां और फल उपलब्ध रहे। इनके भाव भी सामान्य रहे। किसी तरह की कोई बढ़ोतरी नहीं दर्ज की गई है। मंडी के बाहर सड़क पर लगने वाला जाम भी नहीं लगा। मंडी को लगातार सैनिटाइज किया जा रहा है। सोनीपत से जो हरी सब्जियां नहीं आई। राजस्थान की सब्जी मंडी में जरूर पहुंची।