फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

प्रवासियों को भेजने और अपनों को लाने पर माथापच्ची, बिहार के श्रमिकों ने मांगी मदद

Thu, 30 Apr 2020 05:03 AM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
विज्ञापन
लॉकडाउन के दौरान लोग - फोटो : ट्विटर
विज्ञापन

प्रवासी मजदूरों को उनके घर छोडऩे और अपने प्रदेश के लोगों को लाने की जुड़ी केंद्र सरकार की नई गाइडलाइन आने के बाद दिल्ली सरकार ने भी इस पर माथापच्ची शुरू कर दी है। सरकार फिलहाल दूसरे राज्यों से संपर्क कर लॉकडाउन में लोगों की आवाजाही सुनिश्चित करने की योजना तैयार कर रही है। अगले एक-दो दिन सरकार इस बारे  में अपनी तैयारी पूरी कर लेगी।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा प्रवासियों के संबंध में आदेश पारित किया गया हे। इस संबंध मे हम अन्य राज्य की सरकारों से बात कर रहे हैं। सभी योजना करके अगले एक-दो दिन में इसकी जानकारी सार्वजनिक की जाएगी। इस बीच मुख्यमंत्री ने सभी लोगो से घर पर रहने व लॉकडाउन का पालन करने की अपील की है। उधर, दिल्ली सरकार के अधिकारियों का मानना है कि दिल्ली की बड़ी आबादी ने दूसरे प्रदेशों में प्रवास नहीं किया है।

सीमित संख्या में छात्र व नौकरीपेशा लोग ही दूसरे राज्यों में रह रहे हैं। दिल्ली सरकार इनकी पहचान कर वापसी का इंतजाम कर लेगी। इसमें बड़ी दिक्कत नहीं है। दिल्ली सरकार की असल चुनौती दिल्ली में रहने वाले प्रवासी मजदूरों को उनके राज्यों में भेजने की होगी। इसके लिए लाखों लोगों को दूसरे राज्यों में भेजने के लिए संबंधित सरकारों के साथ मिलकर बड़े स्तर पर योजना बनाने तैयार करना होगा। आधे के करीब प्रवासी गए, आधे जाने को तैयार जानकारों का मानना है कि दिल्ली में बड़ी संख्या में उत्तर प्रदेश, बिहार, उत्तराखंड, उड़ीसा व मध्य प्रदेश के मजूदर रहते हैं।
विज्ञापन


इसमें से आधे पहले ही चले गए हैं। जबकि आधे जाने को तैयार बैठे हैं। दिल्ली फैक्ट्री ऑनर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष एसके महेश्वरी का कहना है कि राजधानी में 70 लाख के करीब मजदूर दूसरे प्रदेशों के हैं। लॉकडाउन लागू होने के दौरान इनमें से आधे वापस अपने घर लौट गए हैं। वहीं, जो लोग यहां बच गए हैं, नई गाइडलाइन आने के बाद वह भी जाने को तैयार बैठे हैं। संबंधित सरकारों को इनके लिए इंतजाम करना आसान नहीं होगा।

विज्ञापन

बिहार के 3800 से अधिक प्रवासियों ने मांगी मदद

लॉकडाउन के दौरान अलग अलग राज्यों में फंसे बिहार के प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए बिहार भवन में स्थापित नियंत्रण कक्ष में 3800 से अधिक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। व्हॉट्सएप, गूगल डॉक और फोन कॉल्स के जरिये मिलने वाली सभी शिकायतों और समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई भी की जा गई, ताकि दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों, छात्र-छात्राओं सहित अन्य वर्गों की मुश्किलें कम हो सकें।

बिहार के स्थानिक आयुक्त विपिन कुमार ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की सहायता करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिल्ली स्थित नियंत्रण कक्ष के नंबरों पर लगातार कर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। स्थापना से अब तक मिलने वाली 15 लाख से अधिक सूचनाओं पर कंट्रोल रूम के जरिये उचित कार्रवाई की गई, ताकि लोगों को राहत मिल सके। 
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें