लॉकडाउन के दौरान अलग अलग राज्यों में फंसे बिहार के प्रवासी श्रमिकों की मदद के लिए बिहार भवन में स्थापित नियंत्रण कक्ष में 3800 से अधिक सूचनाएं प्राप्त हुई हैं। व्हॉट्सएप, गूगल डॉक और फोन कॉल्स के जरिये मिलने वाली सभी शिकायतों और समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई भी की जा गई, ताकि दूसरे राज्यों में फंसे श्रमिकों, छात्र-छात्राओं सहित अन्य वर्गों की मुश्किलें कम हो सकें।
बिहार के स्थानिक आयुक्त विपिन कुमार ने कहा कि प्रवासी श्रमिकों की सहायता करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। दिल्ली स्थित नियंत्रण कक्ष के नंबरों पर लगातार कर्मी ड्यूटी पर मुस्तैद हैं। स्थापना से अब तक मिलने वाली 15 लाख से अधिक सूचनाओं पर कंट्रोल रूम के जरिये उचित कार्रवाई की गई, ताकि लोगों को राहत मिल सके।