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कचरा मुक्त शहरों की सूची में एनडीएमसी की छलांग, मिली थ्री स्टार रेटिंग

Wed, 20 May 2020 04:27 AM IST
नोएडा ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली

सार

  • दिल्ली कैंट को वन स्टार से संतोष करना पड़ा
  • त्तर प्रदेश के लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और आगरा को भी एक-एक स्टार मिला है
  • रेटिंग में दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा व पंजाब का कोई भी शहर पांच स्टार पाने में कामयाब नहीं रहा 
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ndmc - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (एनडीएमसी) गारबेज फ्री सिटी (जीएफसी) स्टार रेटिंग में थ्री स्टार पाने में कामयाब रहा है। वहीं, दिल्ली कैंट को वन स्टार से संतोष करना पड़ा। उत्तर प्रदेश के लखनऊ, गाजियाबाद, नोएडा और आगरा को भी एक-एक स्टार मिला है। रेटिंग में दिल्ली समेत उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा व पंजाब का कोई भी शहर पांच स्टार पाने में कामयाब नहीं रहा। एनडीएमसी के अलावा चंडीगढ़ व हरियाणा के करनाल को ही थ्री स्टार मिल सका है, जबकि देशभर का कोई भी शहर सेवन स्टार रैंक हासिल नहीं कर सका है।

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केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने मंगलवार को कचरा मुक्त शहरों की सूची जारी की है। इसके तहत शहरों को ठोस कचरा प्रबंधन के आधार पर स्टार रेटिंग दी गई है। इसमें से 6 शहरी निकायों को पांच स्टार मिले हैं, जबकि 65 को थ्री स्टार व 70 को एक-एक स्टार मिला है। दिलचस्प यह कि 1,435 निकायों ने प्रतियोगिता में शामिल होने का आवेदन किया था। इसमें से सिर्फ 141 शहरों को ही स्टार रेटिंग के लिए चुना गया। यह चुनाव शहरों के अपने दावे, स्थानीय निवासियों के फीडबैक, जियो-टैग्ड तस्वीरों, मंत्रालय के फील्ड सर्वेयर के आकलन के आधार पर किया गया है।

हरदीप सिंह पुरी ने बताया कि पांच साल पहले उनके मंत्रालय ने स्वच्छ सर्वे शुरू किया था। इसमें शहरों की रैंकिंग जारी होती थी। इस सिस्टम में देखा गया कि कई शहर बेहतरीन प्रदर्शन के बावजूद पहचान नहीं बना पाते थे। ऐसे में मंत्रालय ने अलग से कचरा मुक्त शहरों की स्टार रेटिंग पर काम शुरू किया। इसके प्रोटोकॉल में इस बार शहरों के ठोस कचरा प्रबंधन को 24 पैरामीटर पर कसा गया और कुल अंक के आधार पर रेटिंग दी गई। स्वच्छ सर्वे में स्टार रैंकिंग को वेटेज दिया जाएगा। पुरी ने उम्मीद जताई कि प्रतिस्पर्धा बढ़ने पर आगे शहर सात रेटिंग पाने में भी कामयाब रहेंगे।
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पांच स्टार रेटिंग वाले शहर
-अंबिकापुर (छत्तीसगढ़)
-राजकोट और सूरत (गुजरात)
-मैसूर (कर्नाटक)
-इंदौर (मध्य प्रदेश)
-नवी मुंबई (महाराष्ट्र)
थ्री स्टार रेटिंग
-चंडीगढ़
-दिल्ली का एनडीएमसी
-हरियाणा के करनाल समेत 65 शहर। इसमें ज्यादा शहर महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश के शामिल हैं।
वन स्टार रेटिंग
-दिल्ली कैंट
-लखनऊ
-नोएडा
-गाजियाबाद
-गजरौला
-झांसी
-अलीगढ़ समेत 70 शहर। इसमें सबसे ज्यादा शहर महाराष्ट्र के शामिल हैं

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मंत्रालय ने 2018 में जारी किया किया था प्रोटोकाल

मंत्रालय ने 2018 में कचरा मुक्त शहर का प्रोटोकाल विकसित किया था। इसके संशोधित संस्करण को मंगलवार को केंद्रीय मंत्री ने लांच किया। इसमें शहरों की जल संग्रहण क्षेत्र व नालों की सफाई व उससे निकले कचरे निपटान, प्लास्टिक कचरे का प्रबंधन, निर्माण कार्यों से निकले कचरे के निपटान से जुड़े कई प्रावधान हैं, जिसके आधार पर रेटिंग दी जाती है।

तीन चरणों में पूरी होती शहरों की पहचान
पहले चरण में शहर खुद आवेदन करते हैं। इसके लिए उन्हें अपने पोर्टल पर ठोस कचरा प्रबंधन से जुड़ी जानकारियां अपलोड करनी होती हैं। दूसरे चरण में थर्ड पार्टी से शहरी निकायों के इन दावों का आकलन किया जाता है। तीसरे चरण में आम लोगों के फीडबैक व फील्ड सर्वेयर जमीनी हकीकत की जानकारी लेते हैं। इसके बाद रेटिंग दी जाती है।

ये हुई प्रक्रिया
-2020 की स्टार रेटिंग में 1.19 करोड़ लोगों ने दिया फीडबैक
-10 लाख से ज्यादा जियो-टैगिंग तस्वीरों की ली गई मदद
-5175 ठोस कचरा प्रबंधन संयंत्रों का 1210 फील्ड सर्वेयर ने किया मुआयना
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