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छेनू गैंग के सरगना को हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में जमानत नहीं

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नई दिल्ली। हाईकोर्ट ने जेल में बंद होने के बावजूद आपराधिक वारदातों में लिप्त आरोपी के रवैये को गंभीरता से लिया है। अदालत ने माना कि किसी भी आपराधिक मामले में षड्यंत्र रचने वाले आरोपी का घटनास्थल पर होना जरूरी नहीं होता। ऐसे अपराधी के कारण ही गवाह कोर्ट में गवाही से कतराते हैं। हाईकोर्ट ने कुख्यात छेनू गैंग के सरगना इरफान को हत्या व हत्या के प्रयास के मामले में जमानत याचिका खारिज करते हुए उक्त टिप्पणी की।
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न्यायमूर्ति रजनीश भटनागर ने अपने फैसले में कहा कि इस बात को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता कि आरोपी इरफान पर 25 गंभीर प्रकृति के मामले दर्ज हैं। इनमें से 14 मामले अदालत में विचाराधीन है। अदालत ने अभियोजन पक्ष के उस तर्क को स्वीकार कर लिया कि आरोपी के डर से गवाह कोर्ट में अपनी गवाही से मुकर रहे हैं। यदि आरोपी को जमानत दी गई तो अन्य गवाह भी अदालत में गवाही के लिए नहीं आएंगे।
अदालत ने बचाव पक्ष के उस तर्क को खारिज कर दिया कि हत्या व हत्या के प्रयास के इस मामले में उनका मुवक्किल इरफान घटनास्थल पर नहीं था और वह उस समय जेल में बंद था। ऐसे में उसे मात्र इस कारण फर्जी मामले में फंसा दिया कि क्योंकि उसके खिलाफ कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी आपराधिक घटना के समय षड्यंत्रकारी की मौके पर उपस्थिति जरूरी नहीं होती। षड्यंत्र कहीं भी रचा जा सकता है।
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अदालत ने कहा आरोपी के उस तर्क को भी खारिज कर दिया कि इस मामले में चार आरोपी जमानत पर हैं और समानता के आधार पर उसे भी जमानत दी जाए। अदालत ने कहा अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी समानता के आधार पर जमानत का हकदार नहीं है। निष्पक्ष ट्रायल, गवाहों की सुरक्षा को देखते हुए उसे जमानत देना उचित नहीं होगा। अदालत ने कहा पुलिस के अनुसार आरोपी इरफान गिरोह का सरगना है और जेल में अपने साथियों के जरिये अपराध को अंजाम दे रहा है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार 22 अक्तूबर 17 को वाजिद व फैज स्कूटी पर ब्रहमपुरी रोड पर जा रहे थे। उसी दौरान दो मोटर साइकिलों पर आरोपी राशिद, इमराम उर्फ बड़ा इमरान, मुमताज, नासिर, रिजवान व राशिद अली आए और फैज पर गोली चला दी। वाजिद स्कूटी गिरने पर भागा व आरोपियों ने उसका पीछा कर आटोमैटिक हथियार से गोलियां चलाईं जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार जांच में सामने आया कि जेल में बंद इरफान ने अपने भाई के साथ मिलकर एक योजनाबद्ध तरीके से हत्या करवाई। वह मामले में मुख्य षड्यंत्रकारी है।
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