नई दिल्ली। लोक आस्था के महापर्व छठ पर व्रतियों ने अस्तांचल सूर्य को अर्घ्य दिया। सुबह से पूजा की तैयारी के बाद शाम को छठ घाट पर बड़ी संख्या में व्रतियों ने पूजा-अर्चना की। छठ घाट से लौटने के बाद घरों में कोशी भरकर परिवार के पुरुष सदस्यों ने पूजा की। वहीं, छठी मैया का लोकगीत गाया गया।
छठ व्रतियों ने व्रत को सफल बनाने और घर में सुख-समृद्धि की कामना की। सभी घाटों पर रातभर सांस्कृतिक व धार्मिक कार्यक्रम होते रहे। इससे पहले शनिवार दोपहर बाद व्रती दिल्ली के अलग-अलग घाटों पर पहुंचने लगे। परिवार के पुरुष सिर पर दउरा रखकर चल रहे थे। महिलाएं हाथ में सिंधोरा व कलश लेकर चल रही थीं। महिलाओं ने नाक से लेकर सिर तक सिंदूर लगा रखा था। इस दौरान व्रती लेटकर छठ घाट पहुंचे। व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
शाम होते-होते यमुना नदी के किनारे, पूर्वी दिल्ली के कोंडली घाट, भलस्वा झील पर बने घाट, इंडिया गेट समेत दिल्ली के करीब 1200 घाटों पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। भारी सुरक्षा बलों की मौजूदगी में छठ व्रतियों ने विधिवत पूजा-अर्चना की और भगवान भास्कर का अर्घ्य दिया। वहीं, अर्घ्य देने के लिए व्रती छठ गीतों को गाते हुए पहुंची। बड़ी संख्या में श्रद्घालु लेट-लेटकर घाट पहुंचे। मन्नत पूरी होने पर लोग जमीन पर लेटकर घाटों तक पहुंचते हैं।
आज सूर्य को अर्घ्य देने के साथ पूरा होगा व्रत
रविवार सुबह छठ व्रती सुबह सूर्य को अर्घ्य देंगे। उससे पहले घर से कोशी ले जाकर घाट पर ही पूजा-अर्चना करेंगे। गन्ने के बीच में मिट्टी के हाथी जो भगवान गणेश के रूप में होते हैं व कलशी रखा जाता है। गन्ने के पास मिट्टी के बर्तन में प्रसाद रख वह दीप जलाएंगे। मिट्टी के हाथी के सामने अनाज रखा जाएगा, जो समृद्धि का प्रतीक होता है। छठ घाट के मंदिरों में पूजा के बाद ही प्रसाद ग्रहण करने के बाद आहार ग्रहण करेंगी।
स्मॉग के बीच व्रतियों ने की पूजा
दिल्ली में छाई स्मॉग की चादर के बीच लाखों पूर्वांचलियों ने यमुना में खड़े होकर अस्त होते सूर्य को अर्घ्य दिया। परिवार, देश, समाज में सुख-समृद्धि की कामना किया। आईटीओ के छठ घाट पर इस बार अन्य वर्षों की तुलना में ज्यादा भीड़ दिखी। छठ व्रतियों ने दिल्ली के प्रदूषण को नजरअंदाज करते हुए मग्न होकर पूजा की।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
छठ घाटों पर सुरक्षा के इंतजाम किये गए हैं। हर जगह सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। पुलिसकर्मी टावरों से निगरानी कर हैं। मेटल डिटेक्टर से चेक करने के बाद ही घाटों पर प्रवेश दिया जा रहा है। पूजन सामग्री की भी चेकिंग की जा रही हैं। बड़ी संख्या में सीसीटीवी लगाए गए हैं।
नेताओं ने भी डाला डेरा
बुराडी स्थित बजरंगी छठ घाट पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पहुंच कर डूबते सूर्य को अर्घ्य दिए। आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद संजय सिंह सबसे पहले रिठाला घाट पर पहुंचे और इसके बाद मंगोलपुरी, तीमारपुर, आदर्श नगर, शालीमार बाग, हरी नगर स्थित विभिन्न घाटों पर पहुंचे और व्रतधारियों के साथ अर्घ्य दिया।
दिल्ली भाजपा पूर्वांचल मोर्चा के मंत्री प्रदीप सिंह द्वारका घाट पर मौजूद रहे। पश्चिमी दिल्ली के कैलाश पुरी में आयोजित छठ पूजा में भोजपुरी के जाने-माने लोक गायक भरत शर्मा व्यास ने छठ गीत गाया। दक्षिणी दिल्ली के सांसद रमेश बिधूड़ी भी अपने क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर पहुंचे। पूर्व विधायक रामवीर सिंह बिधूड़ी बदरपुर क्षेत्र के विभिन्न घाटों पर गए। डाबड़ी छठ घाट पर महावल मिश्रा, सोनिया विहार छठ घाट पर कपिल मिश्रा और कीर्ति आजाद भी कई घाटों पर पहुंचे।