रोहिणी जिला साइबर सेल ने गर्ग स्वीट्स का मालिक बताकर रियायत दरों पर मिठाई बेचने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले दो जालसाजों को साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। साइबर सेल ने आरोपियों को भरतपुर राजस्थान से गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार एक आरोपी यूट्यूबर है और यूट्यूब पर अपना एक समाचार चैनल चलाता है। जिसके जरिए वह स्थानीय समाचार प्रसारित करता है। इनके कब्जे से पुलिस ने एक मोबाइल फोन जब्त किया है। साथ ही पुलिस ने 107 फर्जी बैंक खातों की पहचान की है।
रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि आरोपियों की पहचान भरतपुर, राजस्थान निवासी रकीब खान और नूंह हरियाणा निवासी मोहम्मद आरिफ के रूप में हुई है। पुलिस अधिकारी ने बताया कि रोहिणी निवासी सन्नी गर्ग ने साइबर सेल में धोखाधड़ी की शिकायत की। उसने बताया कि जालसाजों ने गूगल पर उनकी दुकान का मोबाइल नंबर बदल दिया है। जो भी ग्राहक गूगल के जरिए उनकी दुकान में संपर्क करने की कोशिश करते हैं, उनसे जालसाज बात करते है और ग्राहकों से अपने बैंक खाता में पैसे लेने के बाद उन्हें दुकान से मिठाई लेने के लिए कहते हैं। कई ग्राहकों ने इस तरह की शिकायत की है।
साइबर सेल ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों का फोन नंबर और बैंक खाते की जांच की। तकनीकी जांच में पता चला कि आरोपी भरतपुर राजस्थान से ठगी को अंजाम दे रहे हैं। तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस टीम ने राजस्थान के भरतपुर में छापेमारी की। जहां से पुलिस ने रकीब को गिरफ्तार कर लिया।
उसके कब्जे से पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस ने उसके निशानदेही पर नूंह हरियाणा निवासी आरिफ को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से भी पुलिस ने एक मोबाइल फोन बरामद कर लिया। आरोपियों से पूछताछ के दौरान पुलिस ने कई बैंकों के107 फर्जी बैंक खातों की पहचान की। जालसाज जिसका इस्तेमाल पैसे लेने के लिए कर रहे थे।
पूछताछ में रकीब ने बताया कि वह स्थानीय रिपोर्टर है और राकिब पत्रकार मेवात के नाम से यूट्यूब पर एक चैनल चलाता है। रिपोर्टिंग के लिए अलग-अलग गांवों में जाने के दौरान उन लोगों के संपर्क में आया जो जालसाजों को फर्जी बैंक खाता मुहैया करवाते थे। आसानी से पैसे के लिए उसने भी फर्जीवाड़ा शुरू कर दिया। उसने बताया कि वह अपने पड़ोसी गांव से नकली बैंक खाता खरीदने के बाद उसे अपने अन्य सहयोगियों को बेच देता था। इसके एवज में उसे पांच हजार से 15 हजार रुपये मिलते थे। जालसाज इन खातों का उपयोग जालसाजी करते थे। रकीब फर्जी बैंक खाता आरिफ को बेचता था। पुलिस फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।