पुलिस टीम ने उस बैंक खाते की डिटेल खंगाली जिसमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। मोबाइल नंबर की सीडीआर भी खंगाली गई। नवादा, उत्तम नगर में स्थित उस एटीएम बूथ की सीसीटीवी फुटेज खंगाली गई, जहां से आरोपियों ने ठगी की रकम निकाली थी। एसआई मनोज भास्कर की टीम ने टेक्नीकल सर्विलांस के बाद दो आरोपी विकास पुरी निवासी इशांत महेय (32) और उत्तम नगर निवासी सुनील गुप्ता (41) को उत्तम नगर से 25 मई को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि कपूर नाम का व्यक्ति उत्तम नगर में कॉल सेंटर चला रहा था। ये दोनों बैंक खातों का इंतजाम कर कपूर को दे देते थे। कपूर इनमें ठगी की रकम को पीड़ित से ट्रांसफर करवाता था। इसके बाद ये एटीएम से पैसे को निकालकर आरोपी कपूर को दे देते थे। इसके एवज में इनको ठगी की रकम का 20 फीसदी कमीशन मिलता था।
आरोपियों से पूछताछ के बाद इनके करीब 12 बैंक खातों को पता लगा है। इन बैंक खातों में करीब एक करोड़ रुपये का लेन-देन हो रखा है। इनके पास से नौ मोबाइल फोन व सात एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं। आरोपियों ने बैंक खाते फर्जी आईडी पर खुलवा रखे थे।
एसबीआई बैंक के ग्राहकों को बनाते थे निशाना
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी जुलाई, 2021 से ठगी कर रहे हैं। ये सिर्फ एसबीआई बैंक से क्रेडिट कार्ड लेने वालों के साथ ही ठगी करते थे। ऐसे में पुलिस जांच कर रही है कि आरोपियों के पास एसबीआई बैंकों के ग्राहकों का डाटा कहां से आता था। इस बात को लेकर बड़े स्तर पर जांच की जा रही है।