नई दिल्ली। प्रॉपर्टी दिलाने और खरीदने के नाम पर ठगी करने वाले पिता-पुत्र की जोड़ी को उत्तरी जिला स्पेशल स्टाफ पुलिस ने आगरा से गिरफ्तार किया है। पिता-पुत्र पहचान बदलकर यहां की पॉश एनआरआई सिटी, पुष्पांजलि, नंगली कलां में रह रहे थे। आरोपियों की पहचान नंगला-बाड़, गढ़मुक्तेश्वर, यूपी निवासी धीरज (41) और शिवकुमार (63) के रूप में हुई है।
धीरज धोखाधड़ी के 15 मामलों और शिवकुमार सात मामलों में शामिल रहा है। अदालत ने दोनों को भगोड़ा घोषित किया हुआ था। धीरज की गिरफ्तारी पर दिल्ली पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम भी घोषित किया था। उत्तरी जिला पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है। उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त अंटो अल्फोंस ने बताया कि उनकी टीम लगातार भगोड़ों को पकड़ने के लिए भी प्रयास करती रहती है। इसी कड़ी में स्पेशल स्टाफ में तैनात हवलदार पुनीत मलिक को सूचना मिली थी बुराड़ी समेत कई जगह प्रॉपर्टी के नाम पर धोखाधड़ी करने वाला आरोपी अपनी पहचान बदलकर आगरा में रह रहा है।
सूचना मिलने के बाद पुनीत ने इसकी सूचना अपने वरिष्ठ अधिकारियों को दी। फौरन इंस्पेक्टर संजीव कुमार व अन्य की टीम का गठन किया गया। टेक्निकल सर्विलांस के आधार पर पुलिस की टीम ने आरोपी धीरज के साथ उसके पिता शिवकुमार को भी शमशाबाद रोड, एकता पुलिस पोस्ट, आगरा से दबोच लिया। जांच के दौरान धीरज ने अपना नाम देवेंद्र बताकर पुलिस टीम को गुमराह करने का प्रयास किया। उसने कुछ कागजात भी दिखाए, जिनके आधार पर वह खुद को देवेंद्र बताने लगा। सख्ती से पूछताछ पर वह टूट गया।
ठगी की रकम से आगरा में खरीदा मकान
पूछताछ के दौरान शिवकुमार ने बताया कि वह गुढ़मुक्तेश्वर, यूपी के रहने वाले हैं। काफी समय पूर्व वह अपने रिश्तेदार के यहां बुराड़ी, दिल्ली आकर रहने लगे थे। यहां पिता-पुत्र ने प्रॉपर्टी खरीदने बेचने का काम शुरू कर दिया। दोनों ने बुराड़ी, स्वरूप नगर में जमकर ठगी की। धीरज के खिलाफ 15 और शिवकुमार के खिलाफ सात केस दर्ज हुआ। धीरज को तीन मामलों और शिवकुमार को एक मामले में अदालत ने भगोड़ा घोषित किया हुआ था। परिवार दिल्ली छोड़कर 2015 में आगरा भाग आया। यहां ठगी की रकम से आगरा की पॉश एनआरआई सिटी में मकान लेकर पूरा परिवार यहीं रहने लगा। धीरज ने अपना नाम देवेंद्र रखकर कुछ पहचान के कागजात भी यहां से बनवा लिये। पुलिस पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ कर मामले की छानबीन कर रही है।