नई दिल्ली। जिला पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में सोमवार सुबह उस समय अफरा-तफरी फैल गई, जब संसद भवन से कुछ सौ मीटर की दूरी पर रायसीना रोड पर स्थित नेशनल मीडिया सेंटर के पास लावारिस पॉलिथीन पड़ी होने की सूचना मिली। आनन-फानन में स्थानीय पुलिस, डॉग स्क्वाड, बम स्क्वाड, फायर ब्रिगेड व आपदा प्रबंधन सहित तमाम एजेंसियों की टीमें पहुंच गईं। मीडिया सेंटर को खाली करा लिया गया। करीब आधा घंटे जांच के बाद पता लगा कि पॉलीथिन में खिलौनानुमा वस्तु है।
एजेंसियों को उस समय राहत मिली, जब पता लगा कि सीआईएसएफ ने अपने स्तर पर मॉक ड्रिल की है। बाद में नई दिल्ली जिला डीसीपी डॉ. ईश सिंघल ने भी इसके मॉक ड्रिल होने की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह 10 बजे सीआईएसएफ की टीम नेशनल मीडिया सेंटर के बाहर चेकिंग कर रही थी। एक पॉलिथीन में संदिग्ध वस्तु दिखने के बाद पुलिस को सूचना दी गई। बम डिस्पोजल स्क्वॉड को मौके पर बुलाया गया। सीआईएसएफ और नई दिल्ली जिले की बीडीएस टीम ने संयुक्त तौर पर तलाशी अभियान शुरू किया।
नई दिल्ली जिले के एडिशनल डीसीपी विकास कुमार ने बताया था कि पॉलिथीन में जो वस्तु पाई गई, वह खिलौनानुमा है और उसमें कोई विस्फोटक नहीं है। इसी साल जनवरी के अंतिम सप्ताह में इस्राइली दूतावास के पास कम तीव्रता वाला एक धमाका हुआ था। इसे देखते हुए लावारिस पॉलिथीन पड़े होने की सूचना को गंभीरता से लिया गया।
सीआईएसएफ के मुख्य प्रवक्ता अनिल पांडे ने बताया कि बल ने अपने स्तर पर डमी चेक ड्रिल की थी। इसकी सूचना किसी को नहीं दी गई थी। इस डमी चेकिंग में नई दिल्ली जिला पुलिस समेत सभी एजेंसियां खरी उतरीं।