नई दिल्ली। दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के चुनाव के लिए पार्टियां हर हाल में जीत पक्की करने में जुटी हैं। नई पार्टी जागो के मैदान में उतरने से चुनाव त्रिकोणीय होने वाला है। इसे देखते हुए गठबंधन की राजनीति भी शुरू हो गई है।
प्रबंधक कमेटी चुनाव में दो पंथक चेहरों के बीच गठबंधन के तहत चुनाव लड़ने का निर्णय लिया गया है। शिरोमणि अकाली दल दिल्ली के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना और अकाल तख्त साहिब के पूर्व जत्थेदार भाई रणजीत सिंह ने सोमवार को गठजोड़ का ऐलान किया। पार्टी मुख्यालय में साझा प्रेस कान्फ्रेंस में 8 सीटों के लिए अपने गठजोड़ का ऐलान किया गया। सरना ने बताया कि शिरोमणि अकाली दल दिल्ली और पंथक अकाली लहर के बीच समझौता हुआ है। दोनों ही एक जमीन से जुड़ी पंथक पार्टी हैं। हमारा उद्देश्य सिख पंथ की सेवा के लिए काम करना है। दोनों पंथक पार्टियों ने साथ में चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है।
महासचिव हरविंदर सिंह सरना ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि अब संगत ने धर्म की आड़ में सियासत करने वाले गिरगिटों के असली चेहरों को पहचान लिया है। प्रबंधक कमेटी ने अपने कर्मचारियों को 8-8 महीने से वेतन नहीं दिया है। स्वास्थ्य सेवा के नाम पर प्रचार कर बरगलाया जा रहा है, सिख धर्म के प्रचार-प्रसार से तो दूर-दूर तक वास्ता नहीं है। पंथक अकाली लहर ‘मोमबत्ती’ चुनाव चिन्ह पर गुरुद्वारा का चुनाव लड़ेगी।