जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने वैश्विक महामारी कोविड-19 के चलते फिलहाल डॉ. बीआर आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय को बंद रखने का फैसला लिया है। जेएनयू छात्रसंघ और एबीवीपी जेएनयू इकाई लंबे समय से केंद्रीय पुस्तकालय को खोलने की मांग कर रही है। इसी के चलते जेएनयू प्रशासन ने सोमवार को केंद्रीय पुस्तकालय फिलहाल बंद रखने की घोषणा की है।
जेएनयू प्रशासन ने इस संबंध में छात्रों के नाम अधिसूचना जारी की है। इससे पहले विश्वविद्यालय ने 11 जून को कहा था कि केंद्र सरकार के आदेशों के अनुरूप पुस्तकालय खोला जाएगा। हालांकि विश्वविद्यालय ने अब कोविड-19 की मौजूदा स्थिति को देखते हुए और दिल्ली सरकार द्वारा घोषित कर्फ्यू के मद्देनजर डॉ. आंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय अगले आदेश तक बंद रखने का फैसला लिया है।
केंद्रीय पुस्तकालय खोलने की मांग को लेकर इससे पहले छात्रों ने जबरन पुस्तकालय पर कब्जा कर उसे खोल दिया था। इस दौरान वामपंथी छात्र संगठनों से जुड़े छात्रों पर आरोप लगा है कि उन्होंने सुरक्षा कर्मियों से मारपीट भी की थी। हालांकि बाद में छात्रों ने केंद्रीय पुस्तकालय को खाली कर दिया था।
इसी विवाद पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने जेएनयू छात्रसंघ अध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारियों को नोटिस जारी किया है। इसके अलावा केंद्रीय पुस्तकालय पर विश्वविद्यालय प्रशासन की अनुमति के बगैर कब्जा करने को लेकर उठे विवाद की जांच के लिए प्रोक्टर कमेटी भी गठित कर रखी है। वहीं, इसी मामले में कथित तौर पर सुविधा में सेंध लगाने और वहां के कर्मचारियों के साथ झड़प व मारपीट मामले में छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज करवायी है।