नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने राजधानी में कोरोना संक्रमितों के इलाज में सेना की फिलहाल मदद लेने से इंकार कर दिया। केंद्र ने कहा सेना पहले से ही काफी दबाव में है और अभी यह फैसला नहीं कर सकते कि सेना को दिल्ली में अस्पताल बनाने एवं उसे ऑक्सीजन आपूर्ति करने में लगाया जाए या नहीं। वहीं सेना मामलों की संयुक्त सचिव दीप्ति ने अदालत को बताया कि यदि उन्हें जिम्मेदारी दी गई तो वे अपना बेहतर प्रदर्शन करेंगे।
न्यायमूर्ति विपिन सांघी एवं न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ के समक्ष केंद्र सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि सेना पहले से ही काफी दबाव में है और अभी यह फैसला नहीं कर सकते कि सेना को दिल्ली में अस्पताल बनाने एवं उसे ऑक्सीजन आपूर्ति करने में लगाया जाए या नहीं। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद भी हम से जो भी होगा, हम राज्य सरकार को पूरी तरह मदद कर रहे हैं। अभी सेना की मदद को नहीं कह सकते।
केंद्र ने यह जवाब दिल्ली सरकार के उस पत्र पर दिया है जिसमें उसने सेना से दिल्ली में अस्पताल बनाने एवं ऑक्सीजन की आपूर्ति में सहयोग करने की मांग की थी। दिल्ली सरकार की ओर से यह पत्र उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने केंद्र सरकार को लिखा था। केंद्र ने पहले कहा था कि इस मुद्दे पर खुद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह गंभीरता से विचार कर रहे हैं।
वहीं सुनवाई के दौरान आर्म्ड फोर्स की संयुक्त सचिव दीप्ति ने सेना की मदद पर कहा कि ऐसी कोई कठिनाई नहीं है। यह अभूतपूर्ण समय है, हम संसाधनों को बढ़ा कर अपना बेहतर करने का प्रयास करेंगे।